कभी पुलिस अधीक्षक तो कभी कोतवाल बनकर लोगों से ठगी करने वाले युवक को पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास से आधार कार्ड व बैंक पासबुक बरामद हुई है। आरोपी काफी दिनों से जेठवारा थाने के बाहर ही ठगी का गोरखधंधा चला रहा था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि जेठवारा पुलिस को जानकारी मिली कि थाने के बाहर चाय की दुकान पर एक व्यक्ति खुद को एसपी बताकर पीड़ितों से ठगी कर रहा है। सूचना पर पुलिस उस दुकान पर पहुंची, जहां पहले से ही कुछ महिला व पुरुष उस जालसाज युवक से बातचीत कर रहे थे। पुलिसकर्मी भी जालसाज युवक और महिला संग मौजूद पुरुषों की बातचीत सुनने लगे।
महिला से बात करने वाला व्यक्ति खुद को जेठवारा का थानेदार बता रहा था। उनसे रुपये की मांग करने लगे। इतने पर भी वह नहीं रुका। बोला कि थाने के सामने हूं ताकि उनके मातहतों की कारगुजारी देख सकूं। महिला ने सवाल किया कि यदि कोई समस्या आई तो वह उनसे बात कैसे करेगी। अपना मोबाइल नंबर दें। युवक ने कहा कि वह पुलिस का अफसर है। हर पंद्रह दिन में नंबर बदल देता है।
उसकी बात सुन रही पुलिस ने उसे दबोच लिया। पकड़े गए मोहम्मद शकील पुत्र इलाहीबक्श निवासी गोकुला जगदीशपुर थाना जेठवारा ने बताया कि वह एसपी व कोतवाल बनकर लोगों का काम कराने के लिए रुपये लेता था। रुपये मिलने के बाद वह अपना ठिकाना बदल देता था। उसने जेठवारा थाने के बाहर ही अपनी जालसाजी की दुकान खोल रखी थी, लेकिन पुलिस को भनक लंबे समय बाद लगी। जेठवारा थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़ा गया शकील लोगों से पुलिस से काम कराने के लिए ठेका लेता था। वह कभी पुलिस अधीक्षक बन जाता था, कभी कोतवाल। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।