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पांच दिन तक कमरे में फंदे से लटकता रहा युवक का शव

Sat, 29 Aug 2015 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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लालगंज (ब्यूरो)। कोतवाली क्षेत्र के पूरे जनई गांव में पांच दिनों तक एक युवक का शव बंद कमरे में फांसी के फंदे पर झूलता रहा। दुर्गंध आने पर परिजनों को उसकी मौत की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। घटना को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बोधे पटेल उर्फ गुरुभाई (32) पुत्र भारतलाल लालगंज कोतवाली के पूरे जनई का निवासी था। शादी नहीं होने से वह घर में अपनी मां रामन देवी के साथ रहता था। उसके पिता और बड़े भाई रामसजीवन की पहले ही मौत हो चुकी है। उसका छोटा भाई छोटेलाल पत्नी व बच्चों के साथ अलग रहता है। परिजनों के मुताबिक बोधे शराब का आदि था। घर में वह किसी की नहीं सुनता था। बिना किसी को बताए कई दिनों तक वह गायब हो जाता।

रविवार को वह घर पहुंचा तो मां रामन देवी ने उसे बिना सूचना के गायब रहने पर खूब खरीखोटी सुनाई। इसके कुछ देर बाद वह कहीं चला गया तो परिजनों को लगा कि आदतन वह बाद में लौट आएगा। दूसरे दिन किसी काम से परिजन कहीं चले गए। तीन दिन बाद जब वे लौटे तो बोधे को घर में नहीं देख परेशान हो गए। उसकी काफी तलाश की गई, मगर कुछ पता नहीं चल सका। गुरुवार की शाम घर में कई दिनों से बंद एक कमरे से दुर्गंध उठने लगी। परिजनों ने दरवाजा खोलकर देखा तो बोधे का शव फंदे पर लटक रहा था। शव देखते ही परिजनों के होश उड़ गए।
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सूचना पर गुरुवार की रात 10 बजे पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा। परिजनों के मुताबिक जिस कमरे में उसकी मौत हुई है, जर्जर होने के चलते उसे बंद कर दिया गया है। आशंका है कि रविवार को मां की डांट से क्षुब्ध बोधे पीछे से टूटी दीवार के रास्ते अंदर दाखिल हुआ और फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की बाबत परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। कोतवाल सुरेश प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि युवक का किसी से विवाद नहीं है। परिजन भी उसके खुदकुशी करने की बात कह रहे हैं। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ हो सकेगा।
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