नगर कोतवाली के सगरा में जमीन के विवाद को लेकर गोलियां तड़तड़ाईं। अराजकतत्वों ने निर्माणाधीन चहारदीवारी गिरा दी। इससे गांव में सनसनी फैल गई। गोली लगने से घायल चिलबिला के युवक को जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। सगरा निवासी अरविंद पाल का पड़ोस के ही रामसुख यादव से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। रामसुख तीन दिनों से बैनामे की जमीन पर चहारदीवारी का निर्माण करा रहा था। अरविंद का आरोप था कि रामसुख अधिक जमीन पर कब्जा कर रहा था। उसने अपनी मदद के लिए अपने परिचितों को बुलाया था।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मंगलवार की सुबह करीब सवा नौ बजे दो दर्जन लोग रामसुख के प्लाट पर पहुंच गए। वे निर्माणाधीन चहारदीवारी गिराने लगे। इस बीच फायरिंग होने लगी। शोरशराबे के बीच करीब पांच चक्र फायरिंग हुई। जिससे गांव में सन्नाटा पसर गया। फायरिंग के दौरान गोली अरविंद के पक्ष से पहुंचे अजय सिंह (30) पुत्र मकदूम सिंह के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। साथियों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद डाक्टर मोहित शुक्ला ने उसे इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। सूचना मिलने पर परिजन भी रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। गोली मारने की खबर पर नगर कोतवाल हरिपाल सिंह, सीओ सिटी शशीशेखर दीक्षित दलबल के साथ पहुंचे। घायल युवक से पूछताछ के बाद मौके पर रवाना हुए। घटना के बाद रामसुख भी कोतवाली पहुुंचा और घटना की जानकारी दी। देर शाम तक अजय की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई थी।