देवरिया। नकली शराब की मिनी फैक्ट्री लगाकर लाखों रुपये का राजस्व घाटा कर रहे शराब माफियाओं की धरपकड़ तेज हो गई है। चर्चा है कि शराब में जिस जिला पंचायत सदस्य का नाम प्रकाश में आ रहा है उसने शराब से करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर रखी है।
संदेह के घेरे में आने पर वह अब दूसरी जगहों पर पनाह ले रहा है। भीमपुर की आटा मिल में बनने वाली नकली शराब की सप्लाई बरहज, सलेमपुर, भटनी और रामपुर कारखाना इलाकों के चुनिंदा दुकानों पर होती थी। करीब दस रुपये प्रति बोतल के हिस्सा से ठेकेदारों को मुनाफा होता था।
इस काले धंधे में जिला पंचायत सदस्य के कई करीबी शामिल बताए जा रहे हैं। पूरे प्रकरण में खुफिया विभाग के गच्चा खाने की वजह चर्चा का विषय बनी हुई है। मौके पर पकड़ी गई शराब की शीशी और होलोग्राम असली हैं।
सरदारनगर और सहजनवां की फैक्ट्री से इन्हें उपलब्ध कराया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने बताया था कि शराब की सुगंध बनाने के लिए जिस केमिकल कसमेल का इस्तेमाल किया जा रहा था। वह काफी घातक और जहरीला था।
अधिक मात्रा होने पर पीने वालों की जान भी जा सकती थी। पुलिस पूरे मामले का जांच का केंद्र मास्टरमाइंड जिला पंचायत सदस्य को बना रखी है। सूत्रों की मानें तो उसने अन्य सफेदपोशों के साथ मिलकर मिनी फैक्ट्री में पूंजी लगा रखी थी।
कुछ दिन पहले गौरीबाजार पुलिस ने पथरहट निवासी गया को नकली शराब बनाते पकड़ा था। उसकी जमानत से लेकर अन्य खर्च भी मास्टर माइंड ने वहन किया था। एसपी ने जांच बैठा रखी है। दबिश के दौरान पुलिस पथरहट के गयाराज उर्फ गया, देवरिया खास का महेंद्र गुप्ता और गोरखपुर निवासी पप्पू प्रजापति की तलाश में पुलिस जुटी है।