रानीगंज के सपा विधायक व पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के भाई कलाकांत ओझा के खिलाफ आखिरकार पुलिस ने जूनियर बार एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश पांडेय की तहरीर पर रिवाल्वर लेकर दौड़ाने, गालीगलौज, बलवा और धमकाने के मामले में केस दर्ज कर लिया। आंदोलन कर रहे वकीलों के दबाव में बैकफुट पर आई पुलिस ने तीन दिन बाद इस घटना में विधायक के भाई समेत 50-60 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है।
नगर कोतवाली के शुकुलपुर निवासी जूबाए के महामंत्री दिनेश पांडेय अपने ननिहाल फतनपुर के पाली में रहते हैं। 4 मई को ननिहाल की जमीन की पैमाइश की खबर मिलने पर वह मौके पर पहुंचे। वहां पहले से ही रानीगंज के सपा विधायक व पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के सगे भाई कलाकांत ओझा पुत्र रमाशंकर ओझा निवासी ग्राम रमईपुर दिशनी कोतवाली पट्टी भी अपने 50-60 करीबियों के साथ मौजूद थे। सभी के हाथ में असलहे थे। आरोप है कि इसमें कुछ लोग सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज के शिक्षक भी थे। जमीन की पैमाइश को लेकर बातचीत के दौरान कलाकांत ओझा ने गालीगलौज करते हुए दिनेश को लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर दौड़ा लिया।
गोली मारने की धमकी भी दी। एसओ फतनपुर के हस्तक्षेप पर दिनेश की जान बची। इसके बाद भी विधायक के भाई अधिवक्ता को धमकी दे रहे थे। तहरीर देने के बाद भी विधायक के दबाव में पुलिस मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी। अधिवक्ता का कहना है कि पूर्व मंत्री व रानीगंज विधायक शिवाकांत ओझा के उकसाने पर कलाकांत कानून को हाथ में लेकर धमका रहे हैं। घटना के विरोध में वकीलों ने कचहरी में तालाबंदी करने के साथ ही विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर आक्रोश जताया। अधिकारियों का घेराव कर वकीलों ने अल्टीमेटम भी दिया। इस मामले में शनिवार की देर रात फतनपुर पुलिस ने विधायक के भाई कलाकांत व 50-60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।