जिले में नकली नोटों के कारोबार का एक बार फिर खुलासा हुआ है। नकली करेंसी व नोट कटर के साथ पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक बिना नंबर की कार, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस व नकली नोट से बदले गए हजारों रुपये भी पुलिस के हाथ लगे हैं। आरोपी कुंडा इलाके से नकली नोट लेकर अवैध कारोबार को अंजाम देता था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तस्कर को जेल भेज दिया है।
शनिवार की रात करीब दस बजे लालगंज प्रभारी कोतवाल अमित पांडेय को मुखबिर ने सूचना दी कि बिना नंबर की एक कार पर सवार युवक नकली नोट की तस्करी करता है। मुखबिर ने पुलिस को बताया कि नोट तस्करी के लिए वह किसी का इंतजार कर रहा है। लोकेशन मिलते ही पुलिस उसे दबोचने के लिए निकल पड़ी। कस्बा स्थित वानिकी प्रशिक्षण संस्थान के सामने लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर यात्री प्रतीक्षालय पर एक बिना नंबर की कार को देखते ही पुलिस ने जीप सामने लगा दी। अचानक पुलिस की जीप देख कार में बैठा युवक भागने लगा। इस पर प्रभारी कोतवाल अमित पंाडेय के साथ गए एसआई आशुतोष त्रिपाठी, अरविंद कुमार, आदित्य राव, मृत्युन्जय सिंह आदि पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया। उसे कोतवाली लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो सारी कहानी सामने आ गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लालगंज कोतवाली के देवापुर का निवासी अमरपाल मौर्य पुत्र केदारनाथ है। पूछताछ में उसने बताया कि वह कुंडा इलाके के प्रमोद सरोज नामक युवक से नकली नोट कम पैसा देकर खरीदता था। इस नकली नोट को वह लालगंज समेत आसपास के जिलों में तस्करी के लिए ले जाता है। तलाशी के दौरान उसके पास से सौ-सौ के 37 नोट व पचास के 3 नकली नोट, छपी नोट काटने की मशीन व नकली नोट के बदले गए 4050 रुपये बरामद हुए। उसके पास दो डीएल भी मिले, जिस पर फोटो तो आरोपी की थी, लेकिन नाम अलग-अलग लिखा गया था। कार का कोई कागजात भी वह नहीं दिखा सका। पूछताछ के बाद लालगंज पुलिस ने अमरपाल के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित नकली नोट रखने व अभिलेखाें में छेड़छाड़ करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर रविवार को जेल भेज दिया।