एआरटीओ कार्यालय के घायल कर्मचारी रज्जन प्रसाद को पूछताछ के लिए कोतवाली पुलिस इलाहाबाद से ले आई। कोतवाली पहुंचे एसपी ने भी उससे लंबी पूछताछ की। वह रविवार को बयान से पलट गया। बताया कि मेरे पास रुपये से भरा बैग था। जबकि घटना वाले दिन बैग कैशियर के पास होने की बात बता रहा था।
महुली स्थित एआरटीओ कार्यालय में गुरुवार को हुई घटना में गोली लगने से घायल रज्जन प्रसाद को इलाहाबाद से कोतवाली लाया गया। सीओ सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव ने उससे घटना के सिलसिले में पूछताछ की। दोपहर मेें पहुंचे पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा ने भी उससे लंबी पूछताछ की। रविवार को बयान देने के दौरान वह पूर्व के बयान से पलटता नजर आया। घटना के दिन अस्पताल में वह बता रहा था कि रुपये से भरा बैग उसके पास नहीं था।
अब बता रहा है कि रुपये से भरा बैग उसके पास ही था। घटना के दौरान वह अचेत हो गया था। इसलिए उसे कोई बात याद नहीं है। इसके अलावा भी वह कई बातों को सिरे से नकार रहा है। हालांकि पुलिस के तमाम सवालों से उसे पसीना छूटने लगा है। नगर कोतवाल ने बताया कि रज्जन ने जो शर्ट पहन रखी थी, उसमें गोली लगने का कोई निशान नहीं मिल रहा है। एक स्थान पर छोटी सी नुकीली चीज घुसना दिखाई दे रहा है। हर बिंदुओं पर उससे जानकारी ली जा रही है। ताकि घटना को अंजाम देने वालों तक पहुंचा जा सके।
कर्मचारियों के करीबियों को खोज रही पुलिस
एआरटीओ कार्यालय में गुरुवार को हुई घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस दिन रात पसीना बहा रही है। लिपिकों के सहयोग में रहने वाले लोगों पर पुलिस की नजर गड़ गई है। ऐसे सभी लिपिक के करीबियों को पुलिस खोजने लगी है। पहले से ही तैयार कुंडली के जरिए चौकी प्रभारियों को लगाया गया है। खास बात यह है कि रविवार को नगर कोतवाल कर्मचारी को फोन लगाकर जानकारी लेने का प्रयास करते रहे लेकिन उसने काल रिसीव नहीं की।