प्रतापगढ़। दिल दहला देने वाली वारदात में जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर विपक्षियों ने अधेड़ को गोली मार दी। दुस्साहसी हत्यारे खून से लथपथ अधेड़ को पीटते हुए अपने घर घसीट ले गए। उसे चंगुल से छुड़ाने के लिए परिजन व ग्रामीण दौड़े तो उन पर भी कुल्हाड़ी, लाठी से हमला बोलने के साथ पथराव कर दिया। हमले में घायल पांच लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
कंधई थाने से करीब एक किमी दूर चकमुबारकरपुर गांव निवासी रामसजीवन (55) का पड़ोसी चमेला देवी से जमीन को लेकर विवाद है। चमेला ने नौ धूर (लगभग आधा विस्वा) जमीन का पट्टा कराया है। इस जमीन के बगल में रामसजीवन व उसके परिवार के लोगों की जमीन है। गुरुवार सुबह चमेला का पुत्र शिवकुमार बगल की जमीन पर कब्जा करने लगा। इसका रामसजीवन के परिवार वाले विरोध करने लगे।
इस बीच राजापुर से मजदूर लेकर साइकिल से लौट रहे रामसजीवन को शिवकुमार के पक्ष के लोगाें ने घर के समीप दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शिवकुमार ने अन्य लोगों की मदद से रामसजीवन को पकड़ने के बाद गोली मार दी। इसके बाद खून से लथपथ रामसजीवन को पीटते हुए अपने घर घसीट ले गए। फायरिंग और शोर शराबा सुनकर रामसजीवन के परिजन दौड़ पड़े। इस पर शिवकुमार समेत अन्य लोगों ने उनपर पथराव कर दिया। रामसजीवन को बचाने के लिए उसके घरवालों ने भी पथराव किया।
इस पर शिव कुमार पक्ष के लोगों ने कुल्हाड़ी, डंडे से हमला बोल दिया। संघर्ष में हत्यारोपी पक्ष के लोग भी चुटहिल हुए। मृतक की पत्नी बेट्टन की मानें तो पुलिस के पहुंचने के बाद रामसजीवन को हत्यारे छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल रामसजीवन, राधेश्याम (38), रामदुलार (40), पंचम (65), उर्मिला देवी (35) पत्नी राधेश्याम और बेट्टन (55) पत्नी रामसजीवन को जिला अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने रामसजीवन को मृत घोषित कर दिया। शहर कोतवाल बलिराम मिश्र ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का इलाज कराने के साथ ही शव को मर्चरी भेजवाया। जानकारी मिलते ही एसपी अनंतदेव, एएसपी पूर्वी ब्रजेश मिश्र अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से जानकारी लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। कंधई पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।