कंधई के ताला गांव में रविवार को घर के करीब लटक रहे बिजली के हाईटेंशन तार ने चचेरे भाई-बहन की जान ले ली। बिजली विभाग की घोर लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। एएसपी व एसडीएम ने लोगों को बहुत समझाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। ग्रामीण डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। नौ घंटे बाद जाकर अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें राजी कराया। हाईटेंशन लाइन पड़ोसी के पंपिगसेट के लिए खींची गई थी। पुलिस ने पंपिंगसेट मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ताला मोहतान का पुरवा गांव निवासी गुलफाम की बेटी सना (13) रविवार की सुबह करीब सात बजे अपने चाचा के लड़के तनवीर (5) को शौच कराने के लिए घर से थोड़ी दूरी पर गई थी। वहां करीब से ही गुजरी 11 हजार की लाइन के तीनों तार लटक रहें थे। खंभे से लगा बिजली का एक तार तो जमीन से करीब तीन फिट ही ऊपर ही था। इससे बेखौफ सना अपने चचेरे भाई को लेकर तार के करीब पहुंच गई। चूंकि बारिश के चलते जमीन भी गीली थी। उस समय विद्युत आपूर्ति चालू थी। वह बिजली के तार की चपेट में आ गई। करंट से चचेरे भाई-बहन तड़पने लगे। उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और दोनों को बिजली से बचाने का प्रयास करने लगे। हालांकि इसके पहले ही उनकी मौत हो गई।
हालत यह रही कि बिजली का तार टूटकर अपने-आप अलग हो गया। तब जाकर दोनों बच्चे दूर जा गिरे। ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र चिलबिला सूचना देकर सप्लाई बंद कराई। आक्रोशित ग्रामीण कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग को लेकर पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। सूचना पर एसडीएम पट्टी, एएसपी पूर्वी व तहसीलदार पट्टी पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन परिजन नहीं माने। शाम चार बजे अधिकारियों ने एक-एक लाख रुपये मुआवजा और जमीन का पट्टा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। एसओ ने बताया कि रिजवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज लिया गया है। विवेचना में बिजली विभाग के जिम्मेदारों को भी शामिल कर लेंगे।