दुकान के सामने बैठे दिव्यांग भिखारी को दुकानदार ने डंडे से पीटकर लहूलुहान कर दिया। आसपास के दुकानदारों की मदद से दिव्यांग भिखारी पर डंडों की बरसात थमी। भंगवा चुंगी पुलिस चौकी से चंद कदम दूर एक दिव्यांग भिखारी दुकान के सामने छाये में बैठा था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दुकानदार ने उसे दूर जाने को कहा। वह गर्मी से बचने के लिए बैठा रहा। इससे खफा दुकानदार ने उसे डंडे से पीट दिया। इस दौरान उसके सिर में डंडा लग गया। जिससे खून बहने लगा। आसपास के दुकानदारों के हस्तक्षेप पर दिव्यांग भिखारी की जान बची। कुछ लोगों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। यह तस्वीर उस संवेदनहीनता की निशानी है जो बरती गई है। क्या किसी को छाए में बैठने न देना ठीक है। गर्मी और धूप में आखिर कोई व्यक्ति छाव ही ढूढ़ेगा वह चाहे अमीर हो या गरीब। और दुकानदार की निर्दयता का ही आलम है कि उसने उसे पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया और कोई उसे बचाने के लिए बीच में तब नहीं आया जब तक वह खून से लतपथ नहीं हो गया। पुलिस ने भी दबंग दुकानदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जाहिर है हमारे समाज में जो दबाव था वह खत्म हो गया है अब अपराधी का सम्मान होने लगेगा तो एेसे मामले आते रहेंगे और लोग तब तक नहीं चेतेंगे जबतक उनपर खुद एेसी मुसीबत न आन पड़े।