अबनपुर मोहल्ले में हाईवे से हटाई गई शराब की दुकान खोलने पर मंगलवार को मोहल्ले की महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने सड़क जामकर नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध करने पर दुकान संचालक के लोगों से महिलाओं की तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसे लेकर मोहल्ले में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा।
कटरामेदनीगंज नगर पंचायत के अबनपुर मोहल्ले में मंगलवार दोपहर शराब की दुकान खुली देख लोग भड़क उठे। वे दुकान खुलने का विरोध जताने लगे। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष हाथ में लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। वे जबरन दुकान बंद कराने लगे। इसे लेकर महिलाओं और ठेेकेदार के करीबियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इससे आक्रोशित लोगों ने सड़क पर बेंच, बल्ली लगाकर जाम लगा दिया। इससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। दुकान खोलने वाला भी अपनी जिद पर अड़ा था। इसे लेकर हंगामा होता रहा। करीब आधे घंटे बाद सिटी चौकी प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। वे मामला समझने के बाद जाम लगाने वाले लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने वादा किया कि यदि मानक से हटकर शराब की दुकान खोली जा रही है तो उसे हटवा दिया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए।
पांच सौ छोड़िए, 50 मीटर पर खोल दी गईं दुकानें
शासन के आदेश पर हाईवे से विस्थापित मदिरा की दुकानों को बस्तियों के साथ ही धार्मिक स्थलों के करीब खोला जा रहा है। जिसके विरोध में विरोध-प्रदर्शन जारी है। शहर में अनेक स्थानों पर शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। जिसे लेकर पहले दिन से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। आबकारी विभाग के अलावा आला अधिकारी भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिससे हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं।
शासन ने हाईवे से हटाई गईं मदिरा की दुकानों को बस्तियों, धार्मिक स्थलों, स्कूल, अस्पताल से 5 सौ मीटर दूर खोलने का निर्देश दिया है। शासन के इस आदेश के बाद भी ठेेकेदारों से सांठगांठ करते हुए आबकारी विभाग के जिम्मेदार नई दुकानों को अवस्थापित कराने में लगे हुए हैं। शहर में बस्तियों, स्कूल, धार्मिक स्थलों से 5 सौ मीटर दूर शराब की दुकान खोलने के आदेश को दरकिनार कर मदिरा की दुकानें खोली जा रहीं हैं। जिसे लेकर पहले दिन से महिलाएं, पुरुष विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। नगर कोतवाली के सराय बहेलिया की महिलाओं ने हाथ में लाठी डंडा लेकर लोगों को दौड़ा लिया था। नगर कोतवाली के साथ ही डीएम कार्यालय का सोमवार को घेराव किया गया था। विरोध प्रदर्शन को देखने के बाद भी आला अधिकारी खामोशी की चादर ओढ़े हुए हैं। शहर के पड़ाव वार्ड, विक्रम तिराहा, स्टेशन रोड, बलीपुर समेत अनेक स्थानों पर लोग हाईवे से हटाई गई दुकानें धार्मिक स्थलों, स्कूल व अस्पताल से महज 50 मीटर भी दूर नहीं हैं। इसे लेकर लोग विरोध भी जता रहे हैं। यदि इस पर अधिकारियों ने ध्यान न दिया तो हालात विस्फोटक हो सकते हैं।
शासन की गाइडलाइन के हिसाब से शराब की दुकानों को अवस्थापित कराने का निर्देश आबकारी अधिकारी को दिया गया है। उन्हें चार दिन का मौका मिला है। इसके भीतर हाईवे से हटाई गई दुकानों को बस्तियों व धार्मिक स्थलों से दूर खुलवाया जाए। आबकारी अधिकारी स्वयं निरीक्षण कर यह तय करें जो दुकान खुल रही है। उसका किसी प्रकार का विरोध तो नहीं है। यदि शासन की मंशा के विपरीत मदिरा की दुकानें खुलवाई गईं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सोमदत्त मौर्य, प्रभारी जिलाधिकारी
चिलबिला में खुली दुकान पर विरोध
उपजिलाधिकारी सदर शशि भूषण राय ने रंजीतपुर चिलबिला निवासी श्रवण कुमार के शिकायती पत्र को गंभीरता से लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी को पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि जांच कर शासनादेश के मुताबिक दुकान खुलवाई जाए।