जेठवारा थाना क्षेत्र के हहिरपुर सिंधौर निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य मोहम्मद इसरार को बारह बोर के तमंचे गोली मारी गई थी। रविवार दोपहर बाद कड़ी सुरक्षा के बीच इसरार के जनाजे को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। एहतियात के तौर पर लालगंज तहसीलदार के साथ ही कई थानों की पुलिस मुस्तैद रही।
सिंधौर हरिहरपुर निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य मोहम्मद इसरार को पड़ोसियों ने आम के विवाद में घर में घुसकर गोलियों से भून दिया था। पोस्टमार्टम में इसरार का शव गोलियों से छलनी मिला। पूरे शरीर में ही बारह बोर के छर्रे ही छर्रे थे। एक्सरे के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो मृतक इसरार को नजदीक से बारह बोर के तमंचे से गोली मारी गई थी। शनिवार की शाम ही उसका जनाजा घर पहुंच गया था। लेकिन भाई व करीबियों के इंतजार में जनाजे को रविवार दोपहर बाद सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान लालगंज तहसीलदार भगवानदास कमलवंशी, एसओ जेठवारा, मानधाता, महेशगंज समेत अन्य थानों की फोर्स मुस्तैद रही। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस बल बराबर नजर रखे रहा। पुलिस ने रात में हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दी। लेकिन वे रिश्तेदारियों में भी नहीं मिले।
विवादित पेड़ कटवाने व सुरक्षा का दिया भरोसा
सिंधौर निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य इसरार की आम के विवाद में शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रविवार को मृतक के पिता अधिकारियों से मांग करने लगे। बोले कि जिन पेड़ों की वजह से उसके बेटे की जान चली गई। उन पेड़ों को पुलिस की मौजूदगी में कटवाया जाए। परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं। इसके अलावा मृतक के बच्चों की आर्थिक मदद दिलाई जाए। तहसीलदार व एसओ जेठवारा ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।