सिविल लाइंस बस डिपो के करीब जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने दो नामजद सहित आठ-दस अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। लेकिन देर रात पुलिस ने जानलेवा हमले की धारा हटाकर गिरफ्तार हमलावरों को कोतवाली से मुचलके पर छोड़ दिया। सिविल लाइंस बस डिपो के करीब बेशकीमती जमीन को लेकर बुधवार को भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह व प्रापर्टी डीलर मयंक सिंह व शेखर सिंह से विवाद हो गया था। भाजपा नेता को असलहों के बट से पीटा गया था। नगर कोतवाल ने हमला करने के आरोपी शेखर सिंह निवासी जेल रोड अचलपुर व मयंक सिंह निवासी मीराभवन को गिरफ्तार कर लिया था।
उनके पास से रायफल, दोनाली बंदूक व रिवाल्वर बरामद की गई थी। रात में रवि प्रताप की तहरीर पर पुलिस ने शेखर सिंह, मयंक समेत आठ- दस अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप है कि सत्ता दल के दबाव में आधी रात को विवेचक ने आनन-फानन में जानलेवा हमले की धारा निकाल दी। इसके बाद दोनों को कोतवाली से ही मुचलके पर छोड़ दिया गया। सीओ सिटी ने बताया कि घटनास्थल पर न तो फायरिंग की बात सामने आई थी और न ही डाक्टर की मेडिकल रिपोर्ट में गोली लगने का कोई लक्षण मिला है। इसलिए जानलेवा हमले की धारा निकाल दी गई। सात वर्ष से कम सजा होने के कारण कोतवाली से उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया।