भूमि विवाद को लेकर हुए विवाद में अधिवक्ता चाचा भतीजे को हवालात में डालकर पिटाई करने के मामले को लेकर सोमवार को रानीगंज थाने पर जमकर बवाल हुआ। अधिवक्ताओं ने थाने का घेराव कर पुलिस विरोधी नारे लगाये। एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुुंचकर वकीलों को शांत कराया।
रानीगंज थाना क्षेत्र के नरी गांव निवासी विमलचंद्र तिवारी और उनके भतीजे नागेंद्रमणि तिवारी अधिवक्ता हैं। चाचा-भतीजे के बीच जमीन को लेकर काफी पुराना विवाद चला आ रहा है। सोमवार की सुबह जमीन पर कब्जे को लेकर उनके बीच कहासुनी होने लगी। हाथापाईं भी हुई। इस घटना की जानकारी नागेंद्रमणि ने अधिकारियोें को दी। सूचना मिलने पर रानीगंज व फतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस दोनों लोगों को हिरासत में लेकर थाने आ गई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि हवालात में डालने के बाद दोनों को पुलिस ने पीटा।
इसी को लेकर तहसील के अधिवक्ता थाने पर पहुंचे। यहां पुलिस से वकीलों की नोकझोंक होने लगी। वे पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए नारेबाजी करने लगे। वकीलों की पिटाई की सूचना अधिकारियों को दी। इस दौरान कई थानों की पुलिस संग पीएसी थाने पर पहुंच गई। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी रानीगंज व सीओ डीएल सुधीर ने आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझा बुझाकर शांत कराया। वकील रानीगंज एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। देर शाम दोनों अधिवक्ताओं का शांति भंग की आशंका के तहत चालान कर दिया गया।
रानीगंज थाने पर वकीलों के बवाल की खबर सुनने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया। दूसरे थानों की फोर्स मांगने के साथ ही अधिकारियों को बुलाया जाने लगा। बड़े बवाल की आशंका के चलते आनन- फानन में अधिकारियों ने पड़ोस के थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी भेजी। एसडीएम व सीओ को भी मौके पर पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया। जिलाधिकारी के बाहर होने की दशा में जिम्मेदार अधिकारी चौकन्ना रहे।