जिला कारागार के मनबढ़ बंदियों ने रविवार को एसटीएफ के सिपाही को पीट दिया। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पहुंची कोतवाली पुलिस ने किसी तरह बवाल शांत कराया। इस मामले में छह बंदियों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। देर शाम अधिकारियों ने भी जेल पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
नगर कोतवाली के कादीपुर निवासी साजिद अली एसटीएफ इलाहाबाद की टीम में सिपाही है। नगर कोतवाल हरपाल सिंह ने बताया कि रविवार को साजिद जेल में निरुद्ध बंदी संतोष सिंह से मिलने के लिए गया था। वहां किसी बात को लेकर जेल में निरुद्ध बंदियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद रंजिश में आधा दर्जन बंदियों ने उसे घेर लिया। वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बंदियों ने उस पर हमला बोल दिया। मारपीट होते देख जेल में मुलाकातियों के बीच भगदड़ मच गई। जेल के भीतर मारपीट की खबर पर बंदीरक्षकों ने शोर मचाया।
जिसके बाद जेलर और बंदीरक्षक भागकर मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे, लेकिन बंदी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे थे। सूत्रों की मानें तो मनबढ़ बंदी सिपाही को जबरन पकड़कर बैरक तक ले गए थे। सूचना मिलने पर नगर कोतवाल हरपाल सिंह, भंगवाचुंगी चौकी प्रभारी एसएम कासिम, एक्शन मोबाइल, वज्र वाहन की टीम जेल पहुंच गई। वे सीधे जेल में घुसे। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हो सका।
कोतवाल ने बताया कि जेल में निरुद्ध बंदी इस्तेखार, अली अहमद, शकील अहमद, कैलाश यादव, जीशान व बोचा ने सिपाही पर हमला बोला है। आरोपी अली अहमद से उनकी रंजिश चल रही है। सभी नामजद बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। देर शाम आला अधिकारियों ने भी जेल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। घटना के बारे में पूछने पर जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने कहा कि जेल के भीतर मारपीट जरूर हुई है, लेकिन वह अभी कोई बयान नहीं देने वाले हैं।
एसटीएफ के सिपाही साजिद अली पर हमला करने वाले बंदी ऐसे वैसे नहीं है। इंस्पेक्टर अनिल कुमार की हत्या के आरोप में निरुद्ध बोचा और जीशान ने भी उस पर हमला बोला। इसके साथ ही वर्ष 2013 में रेलवे क्रासिंग पर महुआर निवासी एजाज व फिरोज अहमद की हत्या करने वाले अली अहमद, शकील, इस्तेखार के अलावा जेल में निरुद्ध कैलाश यादव ने मारपीट की घटना को अंजाम दिया। सीओ सिटी मनीष मिश्रा ने बताया कि मृतक फिरोज का सिपाही साजिद रिश्तेदार है। अली अहमद ने इसी रंजिश में उस पर हमला किया गया है। इस तरह की बात सामने आ रही है।
नगर कोतवाली के महुआर निवासी तौकीर अहमद ने पुलिस महानिदेशक को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि उसका भाई अली अहमद जेल में निरुद्ध है। जेल के पुलिसकर्मियों से मिलकर साजिद अली व शरीफ ने उसके भाई को मारापीटा। मुलाकात के लिए पहुंचने पर जानकारी उसे इस बात की जानकारी हुई। विरोधियों से भाई व परिवार को बचाने की गुहार आला अधिकारियों से लगाई है।