कंधई थाना क्षेत्र के खूजीकलां गांव में रविवार की दोपहर पल्सर सवार दो बदमाशों ने लकड़ी ठेकेदार विक्रम सिंह (28) को गोलियों से छलनी कर दिया। बेखौफ बदमाशों ने उनके गले के नीचे एक और पेट में दो गोलियां मारीं। एक गोली बगल से निकल गई। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। दिनदहाड़े ठेकेदार पर फायरिंग से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की मदद से आननफानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। सूचना पर सीओ के साथ ही कंधई एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
कंधई थाना क्षेत्र के खूजीकलां गांव निवासी विक्रम सिंह (28) पुत्र वृजभूषण सिंह रविवार की दोपहर करीब 11.50 पर गांव के किनारे गोसाईं बीर बाबा के मैदान में साथियों के साथ मैच खेल रहा था। इस बीच उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया। फोन करने वाले ने उससे मिलने की बात कही। इसके बाद फोन कट गया। विक्रम सिंह मैदान से घर आ गया।
वह बरामदे में तखत पर लेटा था। इस बीच पल्सर सवार दो युवक पहुंचे। उन्होंने घरवालों से विक्रम के बारे में पूछा। जानकारी होने पर विक्रम बाहर निकला और दोनों युवकों से बात करने लगा। इस बीच उनमें से एक युवक ने अपने मोबाइल से किसी को फोन लगाया और विक्रम सिंह को बात करने के लिए दे दिया। विक्रम सिंह बात करते हुए दस कदम घर से पीछे की तरह बढ़ा ही था कि बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिए। एक गोली बगल से निकल गई। इसके बाद दो गोली विक्र म सिंह के पेट में और एक गले के नीचे सीने के पास लगी।
वह वहीं गिरकर तड़पने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक हमलावर फरार हो गए। गोली चलने से खूजी कला गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के साथ परिजन फौरन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। विक्रम सिंह को गोली लगने के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चा होने लगी। घटना की भनक लगते ही एसओ कंधई, सीओ पट्टी, एएसपी व एसडीएम मौके पर पहुंच गए और पड़ताल शुरू कर दी। बताया जाता है कि दो वर्ष पहले भी विक्रम सिंह पर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। उस समय भी उसे गोली लगी थी। मगर इलाज के बाद वह ठीक हो गया था।