बाबागंज ब्लाक के आमीपुर प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ पर चुनाव ड्यूटी करने वाले एक चुनाव अधिकारी की वजह से इतना बड़ा बवाल हो गया। ग्रामीणों ने एडीएम पुनीत शुक्ला के सामने आरोप लगाया कि अंदर बैठा एक चुनाव अधिकारी वोट देने वाली महिलाएं का हाथ पकड़कर एक प्रत्याशी के चिह्न पर मुहर लगवा रहा था। वोट डालकर निकली महिलाओें ने जब इसकी जानकारी दी तो इस बारे में पीठासीन अधिकारी को अवगत कराया गया। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी दी गई। मगर फर्जी वोटिंग का सिलसिला नहीं थमा। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बवाल करना शुरू कर दिया। उनके गुस्से की भेंट चढ़ी दो मतपेटिकाएं लूट ली गईं।
कर्मचारियों के साथ ही अभद्रता की गई। सुबह एक घंटे का मतदान हो चुका था। इसी बीच वोट डालकर बाहर निकल रहीं कुछ महिलाओं ने ग्रामीणों को बताया कि अंदर बैठा कर्मचारी लोगों का हाथ पकड़कर एक विशेष चिह्न पर मुहर लगवा रहा है। मतपत्र लेने के बाद जब महिलाओं ने उससे पूछा कि किस पर मुहर लगाएं तो उसने एक चिह्न की ओर इशारा किया। जो महिलाएं नहीं समझ पा रही थीं। इस पर वह उनका हाथ पकड़कर मुहर लगा देता था। इसकी खबर दूसरे प्रत्याशी के खेमे को लगी तो वे हंगामा करने लगे। सैकड़ों की संख्या में बूथ पर पहुंचे ग्रामीणों का मकसद बूथ लूटना था। वे देरी किए बिना अंदर घुस गए और जिन दोनों मतपेटिकाओं में वोट डालने की शिकायत मिली थी, उसको लूटकर भाग निकले।