महेशगंज थाना क्षेत्र के रामनगर मतदान केंद्र के करीब आगजनी, फायरिंग और मारपीट से गांव के लोग थर्रा उठे। मतदान केंद्र की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी सहमे रहे। घंटे भर धू-धू कर स्कार्पियो जलती रही। वहीं एक बाइक को कूंचकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बवाल की खबर के बाद भी मौके पर अफसर व पुलिस विलंब से पहुंची।
वैसे तो जिला प्रशासन ने बाबागंज विकासखंड के रामनगर गांव को अतिसंवेदनशील घोषित कर रखा था। चुनाव के दौरान बवाल की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। तभी तो जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने महेशगंज थाने में हुई प्रत्याशियों की बैठक में पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज शुक्ला और संजय सरोज को चेतावनी तक दी थी। इसके बाद भी कोई असर नहीं रहा। बुधवार को रामनगर मतदान केंद्र पर सुबह से प्रधान पद के प्रत्याशी अमित शुक्ला और रंजना के पति संजय सरोज के बीच तनातनी चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मतदाताओं को अमित के भाई पूर्व प्रमुख मनोज शुक्ला की स्कार्पियो में बैठाकर लाया जा रहा था।
जिसका संजय पक्ष के लोगों ने विरोध किया। इसी को लेकर उनके बीच विवाद हो गया और मतदान केंद्र से बाहर मारपीट होने लगी। कुछ ही देर में दोनों ओर से फायरिंग भी होने लगी। इससे भगदड़ मच गई। संजय सरोज पक्ष के लोगों ने अमित पक्ष के लोगों को दौड़ा लिया। वे स्कार्पियो छोड़कर भाग निकले। आरोप है कि संजय पक्ष के लोगों ने स्कार्पियों को आग के हवाले कर दिया। गाड़ी धू-धू कर जलने लगी। इसके अलावा एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गई। यह देख मतदान कराने में लगे सुरक्षाकर्मी भयभीत हो उठे। वे मतदान केंद्र पर मुस्तैद हो गए। बवाल की खबर के बाद भी अधिकारी संग पुलिसकर्मी दमकल के साथ घंटे भर विलंब से पहुंचे।
तब तक स्कार्पियो धू-धू कर जलती रही। फायरब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर जेपी मिश्र व सीओ सिटी मनीष मिश्र ने अभिकर्ताओं से घटना की जानकारी ली। हालांकि अधिकारियों को घटना की जानकारी देने से हर कोई बचता रहा। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी के बाद मातहतों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। इस मामले में देर शाम तक किसी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी थी। एसओ निशीकांत राय ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। बवाल करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मारपीट व आगजनी तो हुई है, लेकिन फायरिंग की बात गलत है।