फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंस्पेक्टर की हत्या में साजिश की बू

Sat, 21 Nov 2015 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर कोतवाल रहे अनिल कुमार की हत्या साजिशन कराने की आशंका तो उनके घरवालों ने पहले ही जताई थी, अब खाकी वर्दीधारी भी एसपी के खुलासे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शुक्रवार को हुए खुलासे के बाद अब आम लोगों के साथ साथी वर्दीधारी भी तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। ऐसे में इंस्पेक्टर की हत्या में साजिश की बू उठने लगी है।
विज्ञापन

शहर कोतवाल रहे अनिल कुमार के खिलाफ पहले निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो गुरुवार को उन्हें एसपी ने बहाल करने के लिए बुलाया था। उनसे मिलने के बाद वह वैष्णवी होटल में रात में रुकने के लिए गए थे। यहां पहले से ही उनके पुराने यार ने डेरा जमा रखा था। पूर्व कोतवाल की हत्या के खुलासे का एसपी ने जो दावा किया है उस पर आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों को भी विश्वास नहीं हो रहा है।

 मामला संदेह में यहीं आ जाता है कि हत्यारोपियों को एक्शन मोबाइल टीम ने पकड़ा और वाहवाही के लिए कोतवाल और एसओजी टीम की पीठ थपथपाई जा रही है। गुरुवार की रात जब वह होटल पहुंचे थे तो उनका पुराना साथी उसी होटल में मौजूद था। गोली लगने के बाद भी उसने आरोपी को पकड़ना उचित नहीं समझा। जबकि आरोपियों ने प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया था कि अनिल कुमार के पहले होटल में मौजूद उनके साथी को वे पहचानते थे। हालांकि एसपी का दावा है कि अनिल कुमार मॉडल शाप में दो पक्षों के बीच गोली चलने के बाद ऊपर से भागकर नीचे आए। इस दौरान बदमाशों ने उन पर फायर झोंक दिया। जिससे उनकी मौत हुई। दूसरी ओर आम लोगों के साथ ही जिले भर के ज्यादातर वर्दीधारी अपने ही कप्तान के इस खुलासे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों के डर और भय से वह खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। अधिकांश पुलिसकर्मी घटना को सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। सवाल यह है कि आरोपी इंस्पेक्टर के साथी को आखिर पहचानते कैसे थे। इसका जवाब भी पुलिस को ही ढूंढना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें