बेल्हा पुलिस का खौफ बदमाशों में नहीं रह गया है। यही कारण है कि पुलिस हत्या, लूट की घटनाओं पर रोक नहीं लगा पा रही है। कदम- कदम पर पुलिस तैनात रहने के बाद भी लुटेरों ने महिला को लूट लिया। अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ला की हत्या के बाद से अधिकारी अलर्ट हैं। कचहरी के हर चौराहे पर पुलिस और पीएसी के जवानों को मुस्तैद किया गया है। वे बराबर चौकसी भी बरत रहे हैं। पुलिस तिराहे और अंबेडकर चौराहे से डाकघर की दूरी चंद कदम की है।
जिस एटीएम से बदमाशों ने महिला को लूटा वहां से पुलिस लाइन तिराहा दिखाई पड़ता है। वारदात के समय चौराहे पर अधिकारी से लेकर पुलिसकर्मी तक मौजूद थे। इसके बाद भी बदमाशों को पुलिस का खौफ नहीं था। बदमाशों ने एटीएम में घुसकर महिला को अपना शिकार बना लिया और भागने में कामयाब रहे। इस बात की भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी। पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी पीड़िता को कोतवाली भेजकर बला टालने में लगे रहे। यदि समय पर मैसेज पास करते तो शायद बदमाश भागने के दौरान पुलिस की घेराबंदी में फंस जाते, लेकिन ऐसा पुलिसकर्मियों ने नहीं किया। यह देखने से साफ लगता है कि मातहत अपने कप्तान के आदेश का कितना पालन कर रहे हैं।