शनिवार को स्कूल बंद होने के बाद साइकिल से घर लौट रही कक्षा आठ की एक छात्रा को मैजिक सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। उसे बेहोश कर दिया। हालांकि उसके होश में आने के बाद पकड़े जाने के डर से बदमाश छात्रा को साइकिल समेत चिलबिला रेलवे फाटक पर छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह से प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची छात्रा रोते हुए जीआरपी वालों को मिली। सूचना मिलने पर परिवार के लोग थाने पहुंचे। जीआरपी ने छात्रा को उनके सुपुर्द कर दिया।
पट्टी इलाके के इटहरा कंजा सराय गुलामी के किशुन मौर्या की पुत्री श्वेता मौर्या पूमावि कुकवार में कक्षा आठ की छात्रा है। रोज की तरह वह शनिवार को साइकिल से स्कूल गई थी। तीन बजे छुट्टी होने के बाद स्कूल से घर लौट रही थी। श्वेता के अनुसार घर लौटते समय सूनसान रास्ते में अचानक उसके सामने एक मैजिक आकर रुकी। जब तक वह कुछ समझ पाती कि उसमें सवार लोगों ने उसे कुछ सुंघा दिया और साइकिल समेत मैजिक में लाद लिया। मैजिक चिलबिला क्रासिंग पर रुकी तो श्वेता होश में आ गई।
क्रासिंग पर पकड़े जाने के डर से मैजिक वालों ने आनन-फानन में उसको साइकिल समेत वहीं पर उतार दिया और फरार हो गए। श्वेता ने बताया कि उसे कुछ नहीं सूझा तो वह साइकिल लेकर प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंच गई। यहां पर लाबी के सामने बैठकर रो रही थी। उसे रोता देख यात्रियों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर जीआरपी वाले भी वहां पहुंच गए। थाने पर पहुंची श्वेता ने सारी कहानी पुलिस को बताई। स्टेशन पहुंचने के सवाल पर श्वेता ने बताया कि उसकी दवा वाराणसी से चल रही है। पिता के साथ वाराणसी जाते और आते समय उसे स्टेशन की जानकारी थी। पुलिस वालों ने श्वेता को थाने पहुंचे चचेरे चाचा वीरेंद्र और पिता किशुन को सौंप दिया।