छात्रों के बीच का विवाद परिजनों तक पहुंच गया। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन और परिजनों के बीच जंग सी छिड़ गई। लाठी-डंडे के साथ ही जमकर ईंट-पत्थर चले। इसमें तीन छात्रों सहित विद्यालय के प्रबंधक भी घायल हो गए। काफी देर तक हंगामा होता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को डांटकर भगाया। बाद में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। घायलों को मेडिकल के लिए भेज दिया। उधर थोड़ी देर बाद फिर से बाबूगंज बाजार में माहौल गरम हो गया। सैकड़ों की संख्या में लोग प्रदर्शन करने लगे। इस पर पुलिस ने पहुंचकर उन्हें समझाया और थाने पहुंचने की बात कही।
कोतवाली क्षेत्र के बाबूगंज बाजार स्थित तुलसी इंटर कालेज में शनिवार को अर्द्धवार्षिक परीक्षा हो रही थी। परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र बाहर निकले तो कक्षा आठ के रोेहित व कक्षा 11 के वीरेंद्र कुमार के बीच कहासुनी हुई और फिर मारपीट होने लगी। वीरेंद्र अपने भाई को फोन कर दिया। बाबूगंज में ही घर होने के कारण उसका भाई भागकर पहुंच गया। इस दौरान विवाद बढ़ा तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधक भी मौके पर पहुंच गए। इस बीच किसी ने एक शिक्षक पर हाथ छोड़ दिया। इससे सभी शिक्षक और प्रबंधक नाराज हो गए। इसके बाद शिक्षकों के साथ ही छात्रों ने वीरेंद्र कुमार व उसके भाई की जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर वीरेंद्र के परिजन भी आ गए। मारपीट होते देख वे उग्र हो गए और लाठी-डंडे के साथ ही ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया।
इससे प्रबंधक श्यामलाल को भी चोटें आईं। घटना की जानकारी पर पुलिस पहुंची और मारपीट कर रहे लोगों को खदेड़ा। थोड़ी देर बाद वीरेंद्र के परिजन सैकड़ों लोगों के साथ फिर विद्यालय की तरफ बढ़े। उनका आरोप था कि विद्यालय के प्रबंधक छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। इस पर पुलिस ने उन्हें बीच में रोककर समझाया और थाने पहुंचने को कहा। पहले तो सभी थाने आए। बाद में राजाभैया की कोठी पर चले गए। फिलहाल पुलिस ने चारों घायलों को मेडिकल के लिए भेज दिया। शाम तक तहरीर नहीं दी गई थी। कोतवाल आरके सिंह चंदेल का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।