पहले चरण के पंचायत चुनाव में मारपीट, फायरिंग और बूथ कैप्चरिंग की घटना को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कराने के बाद बवालियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी पुलिस ने तेज कर दी है। जिलाधिकारी ने सभी के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने और रासुका व गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की बात कही है।
बता दें कि प्रथम चरण के मतदान के दौरान शिवगढ़ विकासखंड के 19 दहेरकला मतदान केंद्र पर बूथ कैप्चरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में पीठासीन अधिकारी कलीम अहमद की तहरीर पर बीडीसी के प्रत्याशी दुर्गेश दुबे, मोहम्मद उमर समेत 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ बूथ कैप्चरिंग का मुकदमा दर्ज किया है।
तहरीर में कहा गया है कि दुर्गेश ने फर्जी वोट डाला और उमर ने मतपत्र फाड़ा और वोटरों को भगाया। प्रजापतिपुर मतदान केंद्र के कुछ दूरी पर पूर्व प्रमुख रमाकांत दुबे व उनके पुत्र दिनकर दुबे को गोली मारने पर दुर्गेश दूबे की शिकायत पर दहेरखुर्द निवासी मोहम्मद उमर, मुश्ताक, फारूक, मुर्तजा, आबिद सहित 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। घायल मुश्ताक की ओर से पुलिस को देर शाम तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तीसरी घटना में आसपुर देवसरा विकासखंड के सेतापुर में पीठासीन अधिकारी की तहरीर के मुताबिक पूर्व प्रधान सुरेशचंद्र चौरसिया और उनके 22 समर्थक जबरन मतदान केंद्र में घुस गए। मतदान कर्मचारियों को मारापीटा। इस मामले में देवसरा पुलिस ने सुरेशचंद्र समेत 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने शनिवार को पुलिस व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तय की। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ रासुका लगाने की तैयारी हो रही है। घटनाओं में नामजद आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट भी लगाया जा रहा है। लाइसेंसी असलहा लेकर बवाल करने वालों को शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। डीएम ने चेताया है कि यदि मतदान केंद्र के भीतर बवाल व बूथ कैप्चरिंग की घटना करने की चेष्टा हुई तो सख्त कदम उठाएं जाएंगे।