मंगलवार की देर रात प्रयाग से बरेली जा रही 4307 पैसेंजर से दो प्रतियोगी छात्रों का बैग लूटकर भाग रहे लुटेरे जीआरपी के हत्थे चढ़ पाए। पीड़ित छात्रों ने बदमाशों का नौ किमी तक पैदल पीछा किया। तब जाकर वे पकड़ में आए। अनुभव तिवारी निवासी अजीत नगर थाना औरास जिला उन्नाव और कचहरी इलाहाबाद निवासी अयूब खां इलाहाबाद में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार की रात दोनों इंटरव्यू देने के लिए बरेली पैसेंजर से हरदोई जा रहे थे। ट्रेन देर रात बनी स्टेशन से छूटी थी कि उसी वक्त दो लुटेरों ने उनका बैग छीन लिया और चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकले। घटना की जानकारी होने पर यात्रियों ने शोर मचाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। लुटेरे काफी दूर तक निकल गए थे।
ट्रेन कासिमपुर हाल्ट पहुंची तो अनुभव और अयूब यहीं उतर गए। वहां से उन्होंने सौ नंबर डायल किया, मगर फोन नहीं उठा। निराश होकर अयूब ने बड़ी बहन को दिल्ली में फोन किया और पूरी घटना बताई। बहन ने नेट पर प्रतापगढ़ जीआरपी के एसओ का नंबर खोजा और उस पर फोन करके एसओ बीके सिंह को पूरी बात बताई। एसओ ने फौरन गौरीगंज स्टेशन पर चेकिंग कर रही पुलिस टीम को फोन कर बनी स्टेशन पर जाने का निर्देश दिया। उधर, छात्रों से संपर्क करके पुलिस ने बदमाशों की टोह लेने को कहा। अयूब ने पुलिस को बताया कि लुटेरे बनी स्टेशन की ओर भागे थे। इसके बाद वह अनुभव को साथ लेकर बदमाशों की खोज में रात के दो बजे निकल पड़ा।
रात के अंधेरे में रेलवे लाइन के किनारे 9 किमी का लंबा सफर तय करके दोनों किसी तरह बनी स्टेशन पहुंचे। वहां पर दोनों लुटेरों को अपने बाकी साथियों के साथ देखकर वे दंग रह गए। दोनो ने जीआरपी से संपर्क करके बदमाशों के बारे में बताया और दूर से निगाह लगाए रहे। इसी बीच बनी पहुंची जीआरपी ने छात्रों की निशादेही पर बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर बाकी लोग भाग गए। घटना को अंजाम देने वाले दोनो बदमाश पकड़ लिए गए। एसओ बीके सिंह ने बताया कि पकड़े गए लुटेरों में एक जाकिर पुत्र अनवर दूसरा छोटेलाल पुत्र गयाराम शामिल हैं। दोनों डेढ़ पसर जिला सुल्तानपुर के रहने वाले हैं। इनका काम ट्रेनों में अपराधिक घटनाओं को अंजाम देना है। दोनों पहली बार पकड़े गए हैं। इनके पास से लुटा गया बैग पुलिस को मिला है।