शुक्रवार की रात अधेड़ की चाकू से गोदकर नृशंस हत्या करने के बाद हत्यारे शव खेत के गड्ढे में फेंककर चले गए। शनिवार को अर्धनग्न शव मिलने पर सनसनी फैल गई। रानीगंज थाना क्षेत्र के आमापुर बेर्रा केशवापुर निवासी रामजस यादव (57) शुक्रवार की शाम घर पर जानवरों के लिए मशीन में चारा काट रहा था। उसके दो परिचित घर आकर उसे अपने साथ मधवापुर बाजार ले गए। वहां देर रात तक वह बैठा रहा। लोगों की मानें तो उसने मदिरा का भी सेवन किया। साढ़े नौ बजे वह अपने गांव के पूर्व प्रधान रामलाल के घर पहुंचा और उनसे रुपये की मांग करने लगा।
उसकी हालत देख पूर्व प्रधान ने उसे शनिवार की सुबह आने को कहा। रात में वह घर नहीं लौटा। परिजनों को चिंता हुई वे उसे खोजने भी निकले, लेकिन वह नहीं मिला। शनिवार की सुबह उसका रक्तरंजित अर्धनग्न शव घर से पांच सौ मीटर दूर रमाकांत मिश्र के खेत के गड्ढे में मिला। कुछ दूर पर साइकिल पड़ी हुई थी। उसके चेहरे पर चाकू के प्रहार से बने कई घाव के निशान थे। सिर पर भी चोट लगी थी। रामजस का शव मिलने की खबर मिलते ही परिजन रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और घटना की जानकारी लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चार पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। तीन बेटे परदेस में रहकर काम-काज करते हैं। दो बेटियों का विवाह हो चुका है। तीसरी बेटी का विवाह अभी नहीं हुआ है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
रामजस तांत्रिक का भी काम करता था। ग्रामीणों की मानें तो शुरुआत में वह विषधर के काटने से पीड़ित लोगों की झाड़फूंक किया करता था। कुछ दिनों बाद वह प्रेत बाधा दूर करने के लिए भी ओझाई करने लगा। उसके पास दूरदराज से भी लोग आते थे। यह चर्चा भी आम है कि जो लोग उसे बुलाने आए थे, उन लोगों को पता नहीं चल रहा है। आशंका है कि शराब पीने के दौरान उनके बीच विवाद हुआ हो और उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक परिजनों का किसी से कोई विवाद नहीं है।