जैसलमेर एक्सप्रेस में हुई डकैती की पड़ताल में पता चला है कि वारदात में शामिल बदमाशों के तार प्रतापगढ़ से जुड़े हैं। ये बदमाश अमेठी और गौरीगंज इलाके में ट्रेनों में लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गिरोह ने इसके पहले भी ट्रेनों में कई घटनाएं की हैं। इसका पता चलने के बाद डीआईजी ने प्रतापगढ़ जीआरपी के एसओ को टीम का इंचार्ज बनाकर शीघ्र खुलासा करने के लिए अल्टीमेटम दिया है।
हावड़ा से जैसलमेर (वाया प्रतापगढ़, लखनऊ) जाने वाली ट्रेन में सोमवार की रात रायबरेली स्टेशन के पास डकैतों ने धावा बोल दिया था। इस घटना में एक महिला सहित दर्जनभर यात्रियों के साथ लूटपाट हुई थी। इस घटना ने रेल प्रशासन में खलबली मचा दी। एडीजी रेलवे ने जीआरपी की जमकर क्लास ली। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन की जांच पड़ताल में पता चला कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाश जीआरपी प्रतापगढ़ के इलाके अमेठी और गौरीगंज के आसपास के हैं।
पुलिस के अनुसार इन गिरोह ने पूर्व में भी लूट, डकैती और छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम दिया है। घटना के बाद से बदमाश फरार चल रहे हैं। जैसलमेर ट्रेन की घटना में वांछित बदमाशों का नाम सामने आने पर डीआईजी के कान खड़े हो गए हैं। उन्होंने जैसलमेर डकैती खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। एक टीम का इंचार्ज एसओ प्रतापगढ़ बीके सिंह को बनाया गया है। जल्द घटना का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया है। हरकत में आई पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।