आसपुर देवसरा इलाके के सारडीह निवासी डिप्टी कमिश्नर आबकारी जंग बहादुर सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से शनिवार को पूर्व बीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस उसकी तलाश में वाराणसी पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। सरकारी वाहन को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचकर छानबीन की।
सारडीह गांव निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य मोतीलाल मौर्य की शनिवार की सुबह डिप्टी कमिश्नर जंग बहादुर ने पट्टीदार फतेह बहादुर सिंह की मदद करने व उकसाने की शंका में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में हर संभावित स्थलों पर दबिश दे रही हैं। वाराणसी स्थित डिप्टी कमिश्नर आबकारी के कार्यालय से घटना में प्रयुक्त बोलेरो पुलिस ने बरामद कर ली। पुलिस ने डिप्टी कमिश्नर के वाराणसी स्थित आवास पर भी दबिश दी, लेकिन वहां ताला लटकता मिला। इसके बाद पुलिस बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंची। वहां पूछताछ के बाद डिप्टी कमिश्नर के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने आसपास के जनपदों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया है। उधर, घटना के दूसरे दिन रविवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
परिजन किसी के पहुंचने पर रोने लगते हैं। वे जंग बहादुर को इस बात के लिए कोस रहे थे कि उसने अनायास ही मोतीलाल की हत्या कर दी। जबकि वह फतेह बहादुर को कभी कोई ऐसी राय नहीं देता था। जिससे चचेरे भाइयों के बीच कटुता पैदा हो। मृतक की पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि हत्यारोपी डिप्टी कमिश्नर की तलाश में पुलिस लगी हुई है। दूसरे जनपदों की पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है। जल्द ही वह पुलिस के हाथ लगेगा।