घुइसरनाथधाम दर्शन करने जा रहे अधेड़ की गला दबाकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव नहर में फेंक दिया। बुधवार की सुबह नहर में शव देख परिजन आक्रोशित हो उठे। मौके पर पहुंची पुलिस शव लेकर कोतवाली चली गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव कर पुलिस की जीप क्षतिग्रस्त कर दी। हालांकि मौके पर पहुंचे एसपी ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। इस मामले में पुलिस ने पड़ोसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के बेलहा मदनगढ़ निवासी रामबहादुर विश्वकर्मा (55) मंगलवार की शाम बाबा घुइसरनाथधाम दर्शन पूजन करने की बात कहकर निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। बुधवार की सुबह परिजनों को मदनगढ़-असरही गांव के बीच बहने वाली नहर में राम बहादुर का शव मिला। उसके गले में गमछा भी लिपटा हुआ था। शव देखते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। बवाल की आशंका को देखते हुए संग्रामगढ़ व सांगीपुर पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। मृतक का भाई रामसमुझ पड़ोसी द्वारिका यादव समेत अन्य लोगों पर पुरानी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाने लगा। पुलिस उनके घर पहुंची तो वे नहीं मिले।
इस दौरान पुलिस मृतक का शव नहर से निकालकर पुलिस जीप में रखने लगी तो ग्रामीण विरोध करने लगे। हालांकि पुलिस शव जीप से लेकर कोतवाली चली गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने संग्रामगढ़ एसओ वीरेंद्र तिवारी की जीप पर पथराव कर शीशा तोड़ डाला। तभी अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया। पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया भी पहुुंचे। मृतक के परिजनों की बात सुनने के बाद सभी को लेकर कोतवाली आए। वहां भी ग्रामीण पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते रहे। इस मामले में रामसमुझ की तहरीर पर पुलिस ने द्वारिका यादव, सियाराम यादव, सजनलाल गुप्ता व रामधन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस अफसर कोतवाली में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने तक डटे रहे। कोतवाल सुरेश प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।