बीडीओ सांगीपुर सावित्री शर्मा और उनकी सहयोगियों की पिटाई के मामले को
लेकर अधिवक्ता और कर्मचारी संघ आमने-सामने हो गए हैं। मुकदमे में आरोपी
भारतीय किसान आन्दोलन के नेता और संयुक्त अधिवक्ता लालगंज संघ के अध्यक्ष
राव वीरेंद्र सिंह के पक्ष में जिले के अधिवक्ता भी आ गए हैं। इधर, राज्य
कर्मचारी महासंघ ने विकास भवन में तालाबंदी कर अपनी ताकत दिखाई है।
सांगीपुर
ब्लॉक में 24 फरवरी को भारतीय किसान आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा बीडीओ
की पिटाई के मामले में न्याय दिलाने के लिए आन्दोलन कर रहे राज्य
कर्मचारी महासंघ के नेताओं को बुधवार को उस समय झटका लगा, जब आरोपी राव
वीरेंद्र सिंह के पक्ष में लालगंज और जिले के अधिवक्ता उतर आए। यह अधिवक्ता
उन्हीं कर्मचारियों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, जो आन्दोलन का
नेतृत्व कर रहे हैं। बुधवार को जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेशचंद्र
पांडेय, वकील परिषद के अध्यक्ष नंदलाल मिश्र, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष
सुरेश सिंह ने संयुक्त रूप से बैठक कर आरोप लगाया कि वर्ष 2013 में राज्य
कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मिथलेश सिंह और उपाध्यक्ष राकेश सरोज सहित 18
कर्मचारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
मगर, अभी तक
गिरफ्तारी नहीं हुई है। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर राव वीरेंद्र सिंह की
गिरफ्तारी पुलिस करती है तो इससे पहले उसे दोनों आरोपी कर्मचारी को
गिरफ्तार करना चाहिए। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर गुरुवार से
आन्दोलन तेज करने को कहा है। इधर, राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर
विकास भवन में बुधवार को पूरी तरह तालाबंदी रही। सुबह पहुंचने वाले
कर्मचारी और अफसरों बाहर बैठकर धरना-प्रदर्शन करते रहे। कर्मचारियों ने
चेताया है कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आन्दोलन जारी रहेगा।