कोतवाली क्षेत्र के ठनेपुर गोपापुर में मंगलवार शाम रास्ते का विवाद सुलझाने पहुंचे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के सामने पूर्व महिला प्रधान ने शरीर पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि उसकी बेटी के हाथ से लेखपाल ने माचिस छीन ली। पूर्व प्रधान को रोकने के लिए पुलिसकर्मी दौड़े तो महिलाओं ने पथराव किया। इससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
बताया जाता है कि ठनेपुर गोपापुर के प्रधानपति राकेश यादव ने मंगलवार को तहसील दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत की थी। बताया कि गांव का चयन जनेश्वर मिश्र योजना के तहत हुआ है। गांव में सीसी रोड का निर्माण हो रहा है। इसे पूर्व प्रधान प्रियंका पटेल व उसके पति उमापति पटेल बनने नहीं दे रहे हैं। यह सुनते ही जिलाधिकारी ने कहा कि वह तहसील दिवस में लोगों की समस्या सुनने के बाद गांव आकर रास्ते के निर्माण की समस्या सुलझाएंगे। इसके बाद प्रधानपति राकेश ग्रामीणों के साथ गांव लौट गए। शाम करीब चार बजे जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह व पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों लोग रास्ते के निर्माण की जानकारी लेने लगे। पूर्व प्रधान प्रियंका ने बताया कि जिस स्थान से सीसी रोड बनाई जा रही है वह उसकी भूमिधरी है। डीएम की मौजूदगी में जमीन की जानकारी लेखपाल देने लगा।
तभी पूर्व प्रधान ने खुदकुशी करने के लिए डिब्बे में भरा केरोसिन अपने ऊपर उड़ेल लिया। इसकी बेटी माचिस लेकर दौड़ी। यह देख अफसर दंग रह गए। लेखपाल ने माचिस छीन ली। पुलिसकर्मी महिला को रोकने के लिए दौड़े, लेकिन दूसरी महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। इससे अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। वहां से वापस कोतवाली लौटे अधिकारियों ने पूर्व प्रधान प्रियंका व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिस जमीन पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है वह सरकारी है। चुनावी रंजिश में विरोध किया जा रहा है। विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। सड़क का निर्माण हर हाल में होगा। वहीं तनातनी को देखते हुए पुलिस अलर्ट है। सिपाहियों को गांव में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।