मानिकपुर थाने में बदमाशों की गोली से जान गंवाने वाले होमगार्ड के जवान
महादेव प्रसाद मिश्र को शहीद का दर्जा मिला। पुलिस लाइन में उसे अंतिम
सलामी दी गई। परिवार को पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन करीब 12 लाख रुपये
देंगे। इसके अलावा बेटी की शादी का भी जिम्मा लिया है।
संग्रामगढ़ थाना
क्षेत्र के भरतपुर निवासी महादेव प्रसाद मिश्र वर्ष 1987 में होमगार्ड
विभाग में तैनात हुआ था। महादेव 470 कालाकांकर कंपनी का जवान था। फरवरी माह
में उसकी ड्यूटी मानिकपुर थाने में लगी थी। वह साइकिल से बुधवार भी अपनी
ड्यूटी पर जाने के लिए तीन बजे घर से निकला था। मानिकपुर थाने में ड्यूटी
के दौरान बदमाशों की गोली से मारे गए होमगार्ड के जवान महादेव मिश्र के जान
गंवाने को पुलिस विभाग ने शहीद का दर्जा दिया। सुबह से ही पुलिस लाइन से
लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक भारी भरकम पुलिस बल मुस्तैद था। अपर पुलिस
अधीक्षक दिनेश सिंह ने भी पहुंचकर बेटे को सांत्वना दी। दोपहर में पीएम के
बाद शव पुलिस लाइन लाया गया।
जहां पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा, एडीएम
पुनीत शुक्ला, एएसपी समेत पुलिसकर्मियों व होमगार्ड के जवानों ने महादेव के
पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी दी। एसपी ने मृतक होमगार्ड के बेटे नागेंद्र
कुमार को अंतिम संस्कार के लिए अहेतुक राशि दी। एसपी ने बताया कि मृत
होमगार्ड के परिवार वालों को आईजी समेत अन्य अफसरों के अलावा पुलिसकर्मी
अपना एक दिन का वेतन करीब 12 लाख रुपये देंगे। इसके अलावा उसकी बेटी की
शादी भी पुलिस विभाग के अधिकारी कराएंगे। दो बेटियों व एक बेटे की शादी कर
चुके महादेव ने बेटी विभा व छोटे बेटे नितिन की पढ़ाई के बाद शादी का सपना
संजो रखा था।