महेशगंज थाना क्षेत्र के आजादनगर में अवैध शराब फैक्ट्री में इलाहाबाद क्राइम ब्रांच की टीम के साथ छापा मारने गए लालगंज के कोतवाल बरामद 92 पेटी शराब को महेशगंज पहुंचाने के बजाय अपनी कोतवाली उठा लाए। दूसरे दिन पोल खुली तो आनन-फानन में कोतवाल ने उसे सौरंग नाले में बरामद होना दिखा दिया। मामले की छानबीन करने पहुंचे एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह को पुलिसकर्मियों के बयान में झोल ही झोल मिला। रविवार की रात इलाहाबाद क्राइम ब्रांच ने सीओ सदर राकेश कुमार नायक, लालगंज कोतवाल, महेशगंज, सांगीपुर समेत दूसरे थानों की पुलिस के साथ अवैध शराब की फैक्ट्री में छापेमारी की थी। मंगलवार को अधिकारियों को खबर मिली कि लालगंज कोतवाली में महेशगंज थाना क्षेत्र के आजादनगर स्थित फैक्ट्री में बनी अवैध शराब रखी हुई है। यह खबर सुनते ही अधिकारियों ने लालगंज पुलिस से पूछताछ शुरू की।
पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा ने मामले की छानबीन करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह को मौके पर भेजा। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद लालगंज कोतवाल बिहागड़ सिंह यादव ने आनन-फानन में अवैध शराब को सौरंग नाले के पास से बरामद होने की लिखापढ़ी कर दी। बरामद शराब आजाद नगर स्थित फैक्ट्री की ही दर्शाई गई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अवैध शराब की जांच को पहुंचे एएसपी ने लालगंज कोतवाल से पूछताछ की तो वह सही जवाब नहीं दे सके। जिस सौरंग नाले पर शराब बरामद होने का दावा कोतवाल कर रहे थे वहां छानबीन के दौरान कोई कुछ भी बता नहीं सका। पुलिसकर्मी भी सही जवाब नहीं दे सके। सबसे बड़ा सवाल यह था कि 92 पेटी अंग्रेजी और देशी शराब बरामद करने के बाद कोतवाल ने अधिकारियों को मामले की जानकारी तक नहीं दी। जबकि मौजूदा समय में ऐसी कोई बरामदगी पुलिस विभाग के लिए खासा महत्वपूर्ण थी। कई सवालों का जवाब कोतवाल नहीं दे सके।