शराब फैक्ट्री में सील लगाकर अधिकारी कर्मचारी थाने पहुंचे ही थे कि उसमें आग लग गई। आग भी इतनी भयंकर कि फायर ब्रिगेड के दो टैंकर लेकर पहुंचे अग्निशमन कर्मचारी लपटों को बुझाने मेें नाकाम रहे। आरओ प्लांट छोड़ बाकी सब कुछ आग मे्ं जल गया। खबर पाकर डीएम भी एएसपी के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी और लेखपाल को इस लापरवाही के लिए फटकार भी लगाई।
आजाद नगर के रुमतीपुर गांव में स्थित शराब फैक्ट्री को सील करके सारे अधिकारी व पुलिस महेशगंज थाने पहुंची ही थी कि पता चला कि वहां आग भड़क उठी है। दमकल के दो टैंकर पहुंचने के बाद के बाद भी आग पर काबू पाना मुश्किल रहा। टैंकर में पानी खत्म होने पर नहर से पानी भरा गया। इतनी देर में सब कुछ फैक्ट्री में जलकर राख हो गया। आग लगने की खबर पाकर जिलाधिकारी के साथ ही एसपी भी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एसओ महेशगंज निशीकांत राय से पूछा कि वह सारा सामान थाने क्यों नहीं ले गए।
यही नहीं उन्होंने आबकारी अधिकारी को भी जमकर फटकार लगाई। स्थानीय लेखपाल को भी डांटा। कहा कि सभी के खिलाफ जांच कराई जाएगी। इस बारे में आईजी, डीआईजी के साथ ही कमिश्नर को भी पता है। अगर फैक्ट्री के साक्ष्य नष्ट हो गए तो उन्हें क्या जवाब दिया जाएगा। एसओ ने बताया कि कुछ गत्तों और बोतलों को नष्ट करने के लिए इलाहाबाद की क्राइम ब्रांच ने आग लगवाई थी। टंकी को तोड़ने के कारण ओटी बह गई। इससे आग भड़क गई। फिलहाल शाम तक आग बुझाने का प्रयास किया जाता रहा। उधर आग लगने के कारण मुकदमा भी देर शाम तक नहीं दर्ज हो सका।
फैक्ट्री में इतनी जल्दी आग लगने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा है। लोगों को आशंका है कि कहीं साक्ष्यों को नष्ट कराने के लिए ही तो आग नहीं लगाई गई। कुछ अधिकारियों की भी राय थी कि आग आनन-फानन में लगवाने का प्रयास किया जा सकता है। फिलहाल फैक्ट्री में तो अब शराब के अवशेष भी नहीं बचे। ऐसे में यह मुकदमा भले ही लिख जाए, लेकिन इसमें शायद ही कुछ तत्व बचे हों।