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अवैध फैक्ट्री में मशीनों का इंतजाम देख अफसर सन्न

Mon, 01 Feb 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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महेशगंज इलाके के आजाद नगर रूमतीपुर गांव की अवैध शराब फैक्ट्री में छापा मारने पहुंची पुलिस टीम वहां इंतजाम और मशीनों को देख सकते में रह गए। चोरी-छिपे चल रही अवैध शराब फैक्ट्री में वो सभी जरूरी मशीन और उपकरण थे जिनके जरिए रोज तीन ट्रक से ज्यादा अवैध शराब बनाकर सप्लाई की जा रही थी। अनुमान है कि चार महीने में इस अवैध फैक्ट्री से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध शराब बनाकर बाजार में खपा दी गई। ऐसे में यह संभव नहीं कि इलाके की पुलिस और आबकारी निरीक्षक की जानकारी के बिना गोरखधंधा चलता रहा हो।
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रविवार आधी रात बाद क्राइम ब्रांच इलाहाबाद ने कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ प्रतापगढ़ में महेशगंज के आजाद नगर की अवैध शराब फैक्ट्री में दबिश दी तो वहां 15 मजदूर काम करते मिले। अवैध शराब फैक्ट्री का जायजा लेने पर एएसपी वीरेंद्र कुमार समेत सभी अफसर स्तब्ध हो गए। फैक्ट्री में तमाम मशीानों को स्थापित किया गया था। पानी को फिल्टर करने की मशीन के साथ ही तीव्रता नापने की भी मशीन लगी हुई थी। बड़ी बात यह कि इस फैक्ट्री के एक बरामदे में करीब दो दर्जन टोटियां लगी थीं। इन सभी टोटियों से शराब निकलती थी। बस दो मिनट में बाल्टी शराब से भर जाती थी। पुलिसवालों ने इन टोटियों को खोलकर देखा तो तेज धार में शराब निकलने पर वे भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। आलम कि पानी खोजने पर भी शराब ही मिल रही थी। बड़ी-बड़ी टंकियों में भी शराब भरी  थी। इसके अलावा एक से दूसरी टंकी में शराब ले जाने के लिए करीब 10 मोटरें लगी थीं।

इनमें से एक मोटर दो इंच के पाइप की थी। पांच हजार लीटर से अधिक क्षमता वाली टंकियों को भरने के लिए ही शायद इनका इस्तेमाल किया जाता रहा होगा। देशरी शराब बनाने के लिए फैक्ट्री में भरपूर केमिकल उपलब्ध था। मिनरल वाटर प्लांट भी था। टंकियों में कई हजार लीटर शराब बन जाने के बाद उसकी तीव्रता चेक की जाती थी। तीव्रता सही होने पर शराब पैककर बाजार में उतारी जाती थी। कारण यह कि शराब की ज्यादा तीव्रता के चलते उसे पीने से किसी की  मौत होती तो जांच शुरू होने पर फैक्ट्री के पकड़े जाने का भय था। इससे क्वालिटी में कोई समझौता नहीं किया जा रहा था। पता चला है कि यह गोदाम पहले बाल सिंह के नाम था। हाल ही में इसे सुधाकर सिंह निवासी पुरमई ने खरीदा था। पता चला है कि इस फैक्ट्री में तैयार नकली शराब प्रतापगढ़ के अलावा इलाहाबाद, जौैनपुर, कौशाम्बी, फतेहपुर, रायरबेली समेत कई जिलों में बेची जाती थी।
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