बैंक प्रबंधन से जुड़े लोगों को सरकारी तंत्र पर शायद भरोसा नहीं है। तभी तो वे प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों से रुपयों का लेन-देन करवाते हैं। चिकमैट कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि अधिकांश बैंकों ने उन लोगों की कंपनी से करार कर रखा है। चाहे एटीएम में कैश डालना हो या फिर किसी कंपनी से कैश लाकर बैंकों में जमा करना हो। उनकी कंपनी हर दिन करोड़ों रुपये एटीएम में डालती है। जनपद में स्थित बैंक आफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के सभी एटीएम में वे लोग असलहाधारी सुरक्षाकर्मियों के साथ कैश डालने जाते हैं।
जबकि सीटीआई वैन से मैगमा, चोला मंडलम, वी मार्ट, रोडवेज और बजाज एलियांज कंपनी का कैश हर दिन लेकर बैंकों में पहुंचाया जाता है। सवाल यह उठता है कि आए दिन हो रही घटनाओं के बाद भी बैंक के जिम्मेदारों को पुलिस पर भरोसा नहीं है। अधिकारी बराबर बैंक प्रबंधक के साथ ही बड़े व्यवसायियों को सचेत करते हैं कि बड़ी रकम होने पर उन लोगों को सूचना दे दी जाए, लेकिन बैंक प्रबंधन से जुड़े लोग उनकी बातों को दरकिनार कर अपने काम को अंजाम देते हैं। उन लोगों को घटना के बाद ही पुलिस की याद आती है।