जौनपुर जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र के हरखपुर गद्दोपुर निवासी विनोद सिंह सात साल से जनपद में ही प्राइवेट नौकरी कर परिवार का खर्च चला रहा था। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है। मासूम बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया।
गरीबी के बीच पला बढ़ा विनोद युवावस्था में ही परिवार के गुजर बसर के लिए काम करने लगा। सात वर्ष पहले सदर बाजार में एक मोबाइल कंपनी के वीटीएस की सुरक्षा का काम करता रहा। तीन वर्ष पहले वह चिकमैट कंपनी में काम करने लगा। शुरूआती दौर में उसे सुरक्षाकर्मी रखा गया। हालांकि बाद में कंपनी ने उसकी इमानदारी देखते हुए उसे कस्टोडियन बना दिया। उसे प्रतिमाह सात हजार रुपये ही मिलते थे।
मृतक विनोद की पांच वर्ष की बेटी सुहानी व तीन वर्ष का बेटा देव है। पत्नी अराधना व पिता अस्पताल पहुंचे तो शव देख गिर पड़े। दो भाइयों के बीच विनोद सबसे बड़ा था। छोटा भाई मुंबई में रहता है। बेटे के गम में पिता राजेंद्र रोते-रोते बेसुध हो जा रहे थे। नगर कोतवाली के डगैता गांव में ब्याही विनोद की दोनों बहनें सुधा व उमा का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।