चिकमेट कंपनी के कस्टोडियन की गोली मारकर हत्या कर सवा आठ लाख लूटने वाले बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया। वे कैश निकलने का पहले से ही इंतजार कर रहे थे। इस दौरान किसी को उन पर शक न हो, इसलिए वे कर्मचारी से एमएसटी का फार्म मांगते हुए उसे बातों में उलझाए रहे।
रोडवेज समेत दूसरे स्थानों से लाखों रुपये लेकर बैंकों में पहुंचाने वाली कंपनी के कैश वैन पर पहले से ही लुटेरों की निगाह थी। उन्होंने पहले से रेकी भी की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद वे सीडीओ आवास की ओर से भागे और भीड़ के बीच से गायब हो गए। मंगलवार दोपहर रोडवेज परिसर में स्थित कैश रूम से कैशियर प्रेमचंद से सिकमेट कंपनी के कस्टोडियन विनोद सिंह व चालक परवेज कैश लेने पहुंचे।
इस बीच बाइक से दो युवक पहुंचे। दोनों युवक उतरकर भीतर घुसे और कर्मचारी मोहम्मद इस्माइल से एमएसटी का फार्म मांगने लगे। इस दौरान सफेद गमछा व काला चश्मा लगाए एक लुटेरा समय व्यतीत करने के लिए कर्मचारी से एमएसटी की प्रक्रिया पूछता रहा। उसका दूसरा साथी बाहर बरामदे में पड़े तख्त के करीब खड़ा था। इस बीच जैसे ही चालक परवेज बाहर निकलकर कार में बैठा। उसी समय हेलमेट पहनने वाला लुटेरा बाइक जाकर स्टार्ट करने लगा। लुटेरों को यह मालूम था कि रोडवेज परिसर में भीड़ रहती है। इसलिए वे कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। लुटेरों ने कैश रूम के करीब ही घटना को अंजाम दिया और सवा आठ लाख रुपये लूटने में सफल रहे।