जनपद के तीन रेलवे स्टेशन, घुइसरनाथ धाम मंदिर और कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया की बेंती कोठी का रूट चार्ट मिलने के मामले में पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। एटीएस की जांच के बाद भी ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है कि आखिर ये नक्शा किसने और किस मकसद से चाय की दुकान पर छोड़ा।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के पूरब देउम चौराहे पर स्थित संगमलाल की चाय की दुकान पर पांच अगस्त की रात शराब की बोतल के नीचे मिले एक कागज में टिफिन बम का नक्शा मिलने की बात सामने आई थी। उसमें रेलवे स्टेशन, घुइसरनाथ मंदिर और कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की बेंती कोठी का रूट चार्ट भी है। शनिवार को आला अधिकारियों के आदेश के बाद एटीएस के लोग पहुंचे और पत्र को अपने कब्जे में लेने के बाद लिखी गई भाषा के साथ दूसरी जानकारी जुटाई। लेकिन उनके हाथ भी ऐसा कोई क्लू नहीं लगा। पत्र आइएम (इंडियन मुजाहिद्दीन) और आइएस (इस्लामिक स्टेट) धमकी भरा पत्र कापी के सादे पन्ने पर लिखा गया है। बाद में उसे एक्सपर्ट से जांच कराने के लिए लखनऊ भेजा गया।
सांगीपुर के एसओ सभाजीत मिश्रा हमेशा विवादों में घिरे रहते हैं। चाहे वह फतनपुर रहा हो या पट्टी। लालगंज के प्रभारी कोतवाल के पद से गाबी महुआबन में हुए बवाल को लेकर लापरवाही बरतने में सस्पेंड हुए सभाजीत को कुछ दिनों बाद ही सांगीपुर का एसओ बना दिया गया। बताते हैं कि अधिवक्ता के जरिए मिले पत्र को पहले तो एसओ ने गंभीरता से नहीं लिया। बाद में लिया भी तो उसकी खुद छानबीन कर पत्र देने वालों से सत्यता की परख करना भी मुनासिब नहीं समझा। बताते हैं उड़ते हुए बात जब अधिकारियों के कान तक पहुंची और वे पूछताछ करने लगे, तब वे धमकी भरा पत्र लेकर एसपी के पास पहुंचे। वे किसी मामले को काफी हल्के में लेते हैं जो बाद में प्रशासन के लिए सिरदर्द बन जाता है।