जनपद में चंद दिनों तक शांति कायम रही, लेकिन रविवार को बदले की आग में फिर लालगंज इलाका धधक उठा। गांव में तैनात पुलिस प्रभावशाली लोगों के आगे अपनी ताकत को भूलती दिखी। पिछले माह जनपद में रानीगंज, पट्टी, कंधई और आसपुर देवसरा इलाके में छोटे-छोटे विवाद ने बड़ा रूप धारण कर लिया। इससे कई लोगों की जान सांसत में रही। घटनाओं के बाद यह देखने में आया कि पुलिस प्रभावशाली लोगों के आगे खुद को असहाय समझने लगती है। तभी इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं।
सांगीपुर के कुंभापुर में हुई घटना के बाद जिलाधिकारी खुद आगे आए। थानेदारों की बैठक लेते हुए सभी को आवश्यक निर्देश दिया। सभी को छोटे मामलों में नजर रखने को कहा। नगर के व्यापारी नेता महादेव की हत्या व कुंभापुर की घटना के बाद बाबागंज स्थित गोयल रेजीडेंसी होटल अग्रिकांड के बाद करीब एक सप्ताह तक इस तरह के विवाद से जनपद शांत रहा। शनिवार को अचानक पुरानी रंजिश में गाबी महुआबन में धधकी आग रविवार को भड़क गई। लोगों के मुताबिक बहुचरा से आए सैकड़ों लोगों ने बस्ती को आग के हवाले कर दिया। आरोप है कि घटना में एक प्रभावशाली व्यक्ति के सामने आने के कारण प्रभारी कोतवाल और दूसरे पुलिसकर्मी बैकफुट पर नजर आए। इसके चलते उपद्रवी आधे घंटे तक तांडव मचाते रहे। पुलिस केवल सभी को समझाने बुझाने में ही जुटी रही।