तिलक में हर्ष फायरिंग कर रहे हिस्ट्रीशीटर ने मामूली कहासुनी के दौरान दलित को गोली मार दी। गोली लगते ही आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी रायफल कब्जे में ले ली। उधर घायल को कुंडा सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के चौंसा गांव निवासी रंगीलाल सरोज का पुत्र राकेश (22) गांव में ही हीरालाल मौर्य के यहां आयोजित तिलकोत्सव में बुधवार को शामिल होने गया था। वहां क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र सिंह उर्फ बब्बर सिंह अपनी रायफल से हर्ष फायरिंग कर रहा था। राकेश उसके बगल खड़ा हुआ तो बब्बर ने उसे वहां से हटने के लिए कहा। इसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी होने लगी। बात इतनी बढ़ी कि बब्बर ने उसे पीटना शुरू कर दिया। बेटे को पिटता देख उसका पिता रंगीलाल सरोज भी मौके पर पहुंच गया।
इसपर बब्बर ने उसके पैर में गोली मार दी। इससे तिलकोत्सव कार्यक्रम में आए लोगों के बीच भगदड़ मच गई। किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को रायफल के साथ दबोच लिया। उधर घायल को भी तत्काल कुंडा सीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने घायल को प्राथमिक उपचार के बाद इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने रात में ही राकेश की तहरीर पर धीरेंद्र सिंह उर्फ बब्बर सिंह पर जानलेवा हमले के साथ ही आर्म्स एक्ट 25 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
जिस राइफल से रंगीलाल को गोली मारी गई है वह बब्बर के पिता राजेंद्र सिंह के नाम पर है। बब्बर इसी से हर्ष फायरिंग कर रहा था। इस मामले में पुलिस शस्त्र निरस्तीकरण की कार्रवाई तो कर ही रही है। उसके पिता पर भी लापरवाही करने के मामले में कार्रवाई करने का दावा पुलिस कर रही है।