पट्टी क्षेत्र के औराइन गांव में हुई युवक की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने स्टूडियो संचालक और दो अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था और उनमें से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था। रविवार को मृतक के भाई ने एसपी को शपथ पत्र देकर बताया कि नामजद एक आरोपी बेगुनाह है। उसका नाम गलत ढंग से मुकदमे में शामिल कर लिया गया है। पट्टी के औराइन गांव में 21 दिसंबर की रात फोटो स्टूडियो पर काम करने वाले वीर बहादुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई उमाशंकर ने स्टूडियो मालिक राज कुमार व उसके साथी प्रदीप तिवारी के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि उसका भाई वीर बहादुर राजकुमार के स्टूडियो में पांच वर्षों से काम करता था। हाल ही में राजकुमार से अनबन होने के कारण वीर बहादुर ने काम छोड़ दिया था।
राजकुमार उस पर पुन: काम पर लौटने का दबाव बना रहा था। राजकुमार ने 21 दिसंबर को कुछ बात करने के बहाने बुलाया। वीरबहादुर गांव के रिंकू पुत्र सभाजीत के साथ उससे मिलने गया तो राजकुमार ने उसे स्कार्पियो मे बैठा कर कुछ दूर ले जाकर तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का आरोप रिंकू पर मढ़ने के लिए देर रात लाश रिंकू के दरवाजे पर फेंक दी। हत्यारे रिंकू को उसके घर के पास गाड़ी से धक्का देकर भाग निकले । रिंकू भागते हुए उसके घर पहुंचा और जानकारी दी। उमाशंकर मौके पर पहुंचा तो भाई की लाश पड़ी हुई थी। उसने पुलिस को जानकारी देने के साथ ही नामजद तहरीर भी दी। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के साथ रिंकू के खिलाफ भी हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज कर लिया। उमाशंकर ने एसपी को शपथ पत्र देकर रिंकू को निर्दोष बताते हुए मुकदमे से उसका नाम हटाने की मांग की है।