अंतू थाना क्षेत्र के भवानीपुर में भूमि विवाद का निराकरण कराने गए दरोगा और सिपाही की मौजूदगी में मारपीट के दौरान बमबाजी और फायरिंग हुई। मारपीट और पथराव में महिला समेत दोनों पक्षों से दस लोग घायल हो गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में ले रखा है।
क्षेत्र के भवानीपुर रघईपुर निवासी मोहम्मद इसलाम और उमर हुसैन के बीच जमीन को लेकर काफी अरसे से विवाद चला आ रहा है। समग्र गांव होने के नाते दोनों को लोहिया आवास भी मिला है। गुरुवार सुबह जिस जमीन पर आवास बनवाने के लिए उमर नींव की खोदाई करा रहा था उसे इसलाम ने खुद के पट्टे की बताते हुए विरोध किया। इसे लेकर इसलाम थाने पहुंचा और मामले की शिकायत पुलिसकर्मियों से की।
विवाद को हल कराने हल्का दरोगा निसार, सिपाही शत्रुघ्न सिंह व प्रमोद राय होमगार्डों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। बात इतनी बढ़ी कि दोनों ओर से ईंट पत्थर चलने के साथ मारपीट होने लगी। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्ष के लोगों को रोकने की कोशिश की तो घरों के भीतर से फायरिंग होने लगी। सिपाहियों की बाइक पर पत्थर गिरे तो वे जान बचाकर भागकर दूर खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो फायरिंग के दौरान बमबाजी भी हुई। शोर शराबे के साथ फायरिंग सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। मारपीट कर रहे लोगों को किसी तरह शांत कराया।
इसके बाद दूर खड़े पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और लोगों को दबोच लिया। हालांकि मारपीट व पथराव से इसलाम, धर्मेंद्र, छबीला, सुग्गूलाल व दूसरे पक्ष से उमर हुसैन, जाहिद, साहिल, बड़का को चोटें आईं। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए भेजा। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों से इसलाम, अकरम, नाजिम, उमर हुसैन, जाहिद हुसैन, ननकऊ व मजीद को हिरासत में ले लिया। एसओ अंतू लल्लन यादव ने बताया कि मारपीट की घटना हुई है। बमबाजी और फायरिंग की बात गलत है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
अंतू थाना क्षेत्र के भवानीपुर रघईपुर में गुरुवार को हुई घटना के दौरान बमबाजी, फायरिंग व मारपीट को देखने वाले पड़ोसी सहम गए। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने आपा खोते हुए बवाल किया। इससे लोग दहशत में आ गए। पुलिस गांव में बराबर नजर रखे हुए है।