ऐतिहासिक भरत मिलाप सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरे शहर में पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी। इसके बावजूद रात भर बवाल हुआ। बलीपुर में बाइक सवार दबंगों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी। वहीं श्याम बिहारी गली में दो गुटों में टकराव हो गया। यहां असलहे लहराए गए, तनाव इतना बढ़ा कि पीएसी तैनात करनी पड़ी। उधर रामलीला मैदन में मौत के कुएं के खेल के दौरान रेट को लेकर जमकर बवाल हुआ। तोड़फोड़ करने के बाद काउंटर पर बैठे कर्मचारी को पीटा गया। घटना की खबर मिलने पर पुलिस इधर से उधर भागती रही।
ऐतिहासिक भरत मिलाप सकुशल संपन्न कराने के लिए भले ही आला अधिकारियों ने रणनीति तैयार करते हुए पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर रखा था लेकिन उनका चक्रव्यूह भेदने में दबंग कामयाब रहे। हर रास्ते से लेकर गलियों पर पुलिस का पहरा बैठाया गया था। इसके बाद भी अराजकतत्व रात भर मनमानी करते रहे। रात लगभग एक बजे के करीब बलीपुर में बाइक सवार आधा दर्जन युवक असलहों का प्रदर्शन करते हुए फायरिंग करने लगे। जिससे भगदड़ मच गई। इससे लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलने पर डायल 100 की टीम पहुंची लेकिन तब तक दबंग भंगवा चुंगी की ओर भाग चुके थे। इसी बीच रामलीला मैदान में मौत का कुुंआ का खेल पर बवाल हो गया। पहले टिकट 30 रुपये में बेचा जा रहा था। लोगों की बढ़ती भीड़ देख संचालक ने रेट 40 कर दिया। बस इसी बात को लेकर विवाद हो गया। कुछ देर में करीब दर्जन भर युवक पहुंचे और मारपीट करते हुए तोडफ़ोड़ करने लगे। जिससे मेले में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस भागकर पहुंची लेकिन तब तक उपद्रव करने वाले भाग चुके थे। रात करीब दो बजे श्याम बिहारी गली मार्केट में दो युवकों के बीच विवाद हो गया। कुछ ही देर एक पक्ष से 10 युवक असलहों के साथ आ धमके। वे दूसरे युवक की खोजबीन करने लगे। मोहल्ले में असलहों के साथ प्रदर्शन कर रहे उपद्रवियों को लोगों ने दौड़ाया। माहौल बिगडने के पहले ही सीओ सिटी ने उन रास्तों में पीएसी का पहरा बैठा दिया। पूरे नरसिंहभान में आयोजित भंडारे में भी उपद्रवियों ने बवाल किया। जिसके बाद पुलिस पहुंची।
जिले के अलावा दूसरे जिले से आई पुलिस भी भरत मिलाप में शोहदों की टोली पर अंकुश नहीं लगा सकी। हफ्तों से होने वाली तैयारियों और जनपद की पूरी पुलिस व पीएसी की मदद ली गई थी। जगह-जगह पुलिस के जवान लोगों पर निगाह रखे हुए थे। रात के 12 बजने केबाद मेले की भीड़ बढने लगी तो पुलिस के जवान इसमें गायब से हो गए। शोहदों की टोली ने भी उग्र रूप धारण करके खुलेआम छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। निगाह पडने पर भथी अपनी संख्या कम देख पुलिस केजवान दूसरी तरफ मुंह कर लेते थे।