दो वर्ष पहले स्कूल जा रही छात्रा को हवस का शिकार बनाने के आरोपी को कोर्ट ने 15 साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रामनाथ ने की।
महेशंगज थाना क्षेत्र में 17 मई 2013 को एक छात्रा गांव के ही स्कूल में पढ़ने जा रही थी। रास्ते में उसे गांव के ही गोलू ने रोका और कहा कि उसे मुनीश्वर अपने घर में किसी काम से बुला रहा है। छात्रा घर में पहुंची तो मुनीश्वर दरिंदगी पर उतर आया। उसने आठ साल की छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना डाला। उसके चंगुल से छूटने के बाद खून से लथपथ छात्रा अपने घर पहुंची। परिजन उसकी हालत देखकर सन्न रह गए। उसकी आपबीती सुनने के बाद पीड़ित छात्रा के पिता ने घटना की तहरीर पुलिस को दी।
पुलिस ने आरोपी मुनीश्वर के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। इस घटना की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश रामेश्वर के न्यायालय में चल रही थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी। शनिवार को उन्होंने आरोपी मुनीश्वर को 15 साल का सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।