मानिकपुर थाने पर हमले का मुख्य आरोपी बुधवार को पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हो गया। उस पर हत्या, लूट और थाने पर हमले का आरोप है। डीआईजी ने उस पर 12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। मानिकपुर थाने पर 24 फरवरी की रात में हमला हुआ था। इस दौरान दो बाइकों से आए छह हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां थाने पर चलाईं। इसके साथ ही बम भी फेंके। इस घटना में पहरे पर रहे संतरी की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। आसपास के चार पांच थानों की पुलिस के साथ ही आईजी, डीआईजी तक ने यहां कैंप किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस के साथ ही एसटीएफ आरोपियों को पकड़ने लिए लग गई। अब तक इस मामले में प्रदीप, शिवमणि, इमरान पांच लोग पकड़े जा चुके हैं। बावजूद इसके हथिगवां थाना क्षेत्र के बछंदामऊ गांव निवासी बालकृष्ण मिश्र उर्फ बाले फरार चल रहा था।
वह एक बार पुलिस के घेरे में आया था। हथिगवां थाना क्षेत्र के जहानाबाद के पास उसे पुलिस ने घेर लिया था, लेकिन वह पुलिस पर फायर करते हुए निकल भागा था। इसके बाद उस पर डीआईजी ने 12 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया था। तब से उसके पीछे एसटीएफ सहित हथिगवां, कुंडा, नवाबगंज, मानिकपुर थाने की पुलिस लगी थी। बुधवार को हथिगवां एसओ एके मिश्र खिदिरपुर की तरफ से लालगोपालगंज की तरफ जा रहे थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि बालकृष्ण किलहनापुर की तरफ से लालगोपालगंज की तरफ जा रहा था। ऐसे में उन्होंने एसटीएफ सहित उच्चाधिकारियों को सूचना देकर उसे घेरने की तैयारी की। वह जीप लेकर किलहनापुर से लालगोपालगंज जाने वाली रोड पर कलवरिया नाले के पास जम गए। थोड़ी देर बाद बालकृष्ण काली डिस्कवर बाइक से वहां पहुंचा। पुलिस की गाड़ी देख फायर करते हुए उसने भागने का प्रयास किया। बावजूद इसके हड़बड़ी में वह बाइक सहित गिर गया और पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। उसके पास से बाइक, मोबाइल, मुंबई से लखनऊ का टिकट, लखनऊ से लालगोपालगंज का बस का टिकट व पिस्टल, दो जिंदा और एक खोखा बरामद हुआ है।