संग्रामगढ़ इलाके में शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर जा रहे सफाईकर्मी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक सवार बदमाश भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। चचेरे भाई की तहरीर पर पुलिस ने मृतक की सौतेली मां, भाई और बहनोई के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के धरौली यादवपट्टी निवासी अशोक कुमार सरोज (35) पुत्र अमृतलाल रामपुर संग्रामगढ़ ब्लाक में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत था। उसकी तैनाती देवीगढ़ गांव में हुई थी। शुक्रवार को सुबह नौ बजे उसने अपने सौतेले मामा जियालाल सरोज को दवा देने के लिए संग्रामगढ़ के जलेशरगंज मार्ग पर बुलाया था। उसके नहीं आने पर वह बाइक से देवीगढ़ के लिए निकला। प्रतापपुर मोड़ पर पल्सर से पहुंचे नकाबपोश दो लोगों ने उसे रोक लिया। बातचीत के दौरान असलहा निकालकर उसकी कनपटी और सीने पर गोली मार दी।
इससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। पल्सर सवार हत्यारे तमंचा लहराते हुए फरार हो गए। फायर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अशोक की मौत हेा चुकी थी। सूचना पर पहुंची संग्रामगढ़ पुलिस शव को कब्जे मे लेकर थाने चली आई।
घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। इस मामले में मृतक के चचेरे भाई धीरज कुमार सरोज पुत्र दूधनाथ सरोज ने तहरीर देकर अशोक के सौतेले भाई सत्येंद्र कुमार सरोज पुत्र अमृतलाल निवासी इंदिरा नगर लखनऊ, सौतेले मामा के बेटे मनोज कुमार पुत्र गनेशी निवासी सराय निर्भय संग्रामगढ़ पर हत्या और सौतेली मां कलावती व सौतेले बहनोई सुशील कुमार के खिलाफ साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाने में ही वादी को धमकाने लगा सौतेला मामा, हंगामा
बाबागंज। संग्रामगढ़ थाने में शाम करीब पांच बजे मृतक की पत्नी पहुंची। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि मृतक अशोक लखनऊ से भोर में चार बजे चला था। उधर, उसके सौतेले मामा का कहना था कि वह रात से ही यहीं था। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होती रही। इस दौरान सौतेले मामा हीरालाल ने वादी धीरज को धमकाना शुरू कर दिया। साथ ही उसे देख लेने की बात कही। इस पर दूसरी तरफ के लोग शोरशराबा करने लगे। इस पर पहुंची पुलिस ने हीरालाल को थाने में बैठा लिया।