सदर बाजार के एक पैलेसे में संचालित सिक्योर लाइफ कंपनी बेरोजगारों को नौकरी व जमा धनराशि के बदले दोगुने रुपये देने के नाम पर अपना एजेंट बनाकर ठगने का काम करती थी। शिकायत के बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। हिरासत में लिए गए 12 लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया। जबकि सात लोगों का गुरुवार को शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। लाइफ सिक्योर कंपनी के कर्मचारी के खिलाफ बुधवार की देर रात फिरदौस व मीना की तहरीर पर शत्रुघ्न सिंह, राजीव गौतम, कल्पना, साधना व फातमा को नामजद करते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हिरासत में लिए गए 12 लोगों को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया।
गुरुवार को पुलिस ने नामजद के अलावा फिरदौस व मीना का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। एसएसआई संजय शर्मा ने बताया कि दर्ज मुकदमे में सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान नहीं है। इसलिए सभी का शांति भंग की आशंका में चालान किया गया है। कंपनी के डायरेक्टर फिनांयस हरीश रावत, डायरेक्टर आपरेशंस रजत वर्मा, सिद्धार्थ सहगल समेत अन्य लोग संचालित करते थे। कंपनी के कर्मचारी ऐसा कोई पेपर नहीं दिखा सके। कंपनी के प्रबंधक समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को अभिलेखों के साथ तलब किया गया है। कंपनी के धोखाधड़ी की खबर मिलने पर रानीगंज की शांति, रामगंज का मंगरू, कमला देवी व अन्य लोगों ने पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचे। उन लोगों ने भी कंपनी में रुपये जमा करने का दावा किया। कंपनी ने इन लोगों को भी रुपये नहीं लौटाए हैं।