डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक कर नकलविहीन परीक्षा कराने का आह्वान किया है। जीआईसी में केंद्र व्यवस्थापकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी में आने के बाद मुझे जानकारी हुई कि नकल के लिए इतना बड़ा-बड़ा गेम होता है। इधर डीआईओएस ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर परीक्षा केंद्रों पर पुर्जी मिली तो केंद्र को डिबार कर दिया जाएगा।
जिले के 334 केंद्रों पर 16 मार्च से प्रारंभ होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए अफसरों ने टिप्स दिया। डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि अगर छात्र-छात्राएं नकल करके पास हो भी जाते हैं तो भी वह समाज के लिए कलंक साबित होंगे। एसपी रोहन पी. कनय ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए विश्वास दिलाते हुए केंद्रों के बाहर सुरक्षा कर्मियों के तैनाती की बात कही। इसके पूर्व डीआईओएस डॉ. ब्रजेश मिश्र ने नकल रोकने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों की नकेल कसी। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान अगर एक भी पुर्जी मिलेगी तो परीक्षा केंद्र को डिबार कर दिया जाएगा। बैठक में अन्य लोगों के अलावा सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, डॉ. विंध्याचल सिंह, नसरत अली, अरविंद सिंह, उमेश कुमार,डॉ. राम कुमार पांडेय, उमेश त्रिपाठी, गोकुलनाथ श्रीवास्तव, वीरेंद्र बहादुर सिंह, प्रमोद तिवारी, किरन पांडेय, रंजना पांडेय, राम सकल यादव, सुनील कुमार शुक्ल, आरडी दुबे आदि मौजूद रहे।