किशुनगंज बाजार में रंगदारी न देने पर बुधवार की शाम सरेबाजार किराना व्यापारी दुखीराम मौर्य (68) की लात-घूंसों और बटखरे से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद बाजार में सन्नाटा पसर गया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। हत्यारोपी दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं लगे। कंधई थाना क्षेत्र के बोझी (किशुनगंज) निवासी दुखीराम मौर्य ने बाजार में किराने की दुकान खोल रखी थी। बुधवार को वह अपनी दुकान पर पोते के साथ ग्राहकों को सामान दे रहा था। शाम करीब छह बजे दुखीराम की दुकान पर अशोक सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह, कुुट्टे सिंह निवासी गंगेहटी, बृजेश सिंह पुत्र मान सिंह निवासी कंधई मधुपुर और वारीकला निवासी शराब की दुकान का सेल्समैन प्रकाश सिंह आदि पहुंचे। आरोप है कि वे दुखीराम से रंगदारी के सौ रुपये मांगने लगे। उसने सौ रुपये देने में असमर्थतता जताई और तीस रुपये थमा दिए।
इससे गुस्साए लोगों ने रुपये फाड़कर फेंक दिए और दुखीराम को दुकान से घसीटकर लात-घूंसों से पीटने लगे। इस दौरान हमलावरों ने तराजू के बटखरे से उसके सिर पर प्रहार कर दिया। जिससे उसका सिर फट गया। सरेबाजार हत्यारोपियों ने दुकानदार को जमकर पीटा। कोई उसे बचाने का साहस नहीं जुटा सका। दुखीराम के पोते धीरज व बृजेश ने बीचबचाव की कोशिश की तो दबंगों ने उन्हें भी पीटा। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग साहस कर पहुंचे तो हमलावर गालीगलौज करते हुए भाग निकले। गंभीर रूप से घायल दुखीराम को बोलेरो से लेकर परिजन जिला अस्पताल आए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि दूसरे दिन भी कंधई पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। एसओ सुरैश सैनी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।