सदर तहसील दिवस में मंगलवार को बीमार लेडी डॉक्टर ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उससे परेशान महिला सिपाही उसे कोतवाली ले गईं। यहां इंसानियत को शर्मसार करते हुए नगर कोतवाल की मौजूदगी में महिला आरक्षियों ने लेडी डॉक्टर को कई थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद भी वह खामोश नहीं हुई और पिटाई करने वाली महिला आरक्षियों को नसीहत देती रही।
करीब दो साल पहले कोहड़ौर सीएचसी में संविदा चिकित्सक के रूप में लेडी चिकित्सक प्रीती गौतम तैनात थीं। इलाहाबाद की रहने वाली प्रीती की मां की हत्या कर दी गई। जिसके बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। यहां तक कि नौकरी से भी हाथ धो बैठीं।
करीब एक साल पहले वह प्रतापगढ़ आईं और जिला से लेकर महिला अस्पताल में नौकरी व आवास के लिए हंगामा करने लगीं। तब से वह अस्पताल में ही गुजर बसर कर रही हैं। मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस में अपनी फरियाद अफसरों को सुनाने पहुंच गईं। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया। जिसके बाद वह हंगामा करने लगीं। किसी तरह सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया। कुछ देर बाद वह फिर आईं और सीएमओ के पास शिकायत करने के लिए जाने की बात कहने लगीं। उनके हाथ में प्रार्थना पत्र नहीं था। उन्हें फिर गेट पर रोक दिया गया। यह देख वह हंगामा करने लगीं।
जिससे लोगों की समस्या सुन रहे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अफसर दंग रह गए। तभी महिला एसओ दुर्गावती यादव सिपाहियों के साथ उन्हें जबरन बाहर ले गईं। इसके बाद उन्हें नगर कोतवाली ले जाया गया। जहां शहर कोतवाल की मौजूदगी में पूछताछ होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो महिला सिपाहियों ने लेडी डॉक्टर पर थप्पड़ों की बरसात की। दरवाजा बंद कर उन्हें पीटा गया। इसके बाद भी वह चीखते चिल्लाते हुए अपना पक्ष रखती रहीं। बाद में उन्हें बाहर बैठाया गया। वह पिटाई करने वाली महिला आरक्षियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने लगीं। महिला एसओ ने बताया कि लेडी डाक्टर समाधान दिवस में हंगामा कर रही थीं। उन्हें पीटा नहीं गया। उन्हें नहीं पता था कि वह बीमार हैं।